
बैसाखी पर्व पर मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ गुरुद्वारे में दी श्रद्धांजलि, खालसा पंथ की 325 वीं वर्षगांठ पर किया सिख समुदाय के योगदान का स्मरण...
Baisakhi2025 Khalsa Panth 325th anniversary: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैसाखी पर्व और खालसा पंथ की स्थापना की 325 वीं वर्षगांठ के अवसर पर लखनऊ स्थित गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा 1699 में खालसा पंथ की स्थापना को धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा, "गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना कर 'सकल जगत में खालसा पंथ जागे, जगे धर्म हिन्दू, सकल भंड भाजे' का संदेश दिया। उनकी प्रेरणा से सिख समुदाय ने हर विपरीत परिस्थिति में अपने शौर्य और पराक्रम से देश और धर्म की रक्षा की है।"
उन्होंने गुरु नानक देव जी से शुरू हुई सिख परंपरा को विश्व में अनुपम बताया और कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के उपदेश आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने सिख समुदाय के योगदान को सराहा और कहा कि सिख जहां भी गए हैं, उन्होंने अपने जज्बे, संघर्ष, शौर्य और पराक्रम से अपना लोहा मनवाया है।
मुख्यमंत्री ने तराई और पंजाब में हो रहे धर्मांतरण की घटनाओं पर चिंता जताई और कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी ने बिना भेदभाव के पंज प्यारे चुने थे। गुरुद्वारों में आज भी हर व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के लंगर मिलता है, फिर भी धर्मांतरण की घटनाएं हो रही हैं। इसे रोकने और इसके कारणों का निवारण करने की जरूरत है।
उन्होंने तराई क्षेत्र के सिख युवाओं के विदेश पलायन पर भी चिंता जताई और कहा कि सिख समुदाय ने मलेरिया प्रभावित इस क्षेत्र को उपजाऊ बनाया, लेकिन अब इसे और मजबूती देने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से गुरु परंपरा के उपदेशों का पालन कर पुरुषार्थ के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों की स्मृति में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस पूरे देश में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास से हुई थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं जयंती पर उत्तर प्रदेश में भव्य आयोजन की योजना है। राज्य सरकार के स्तर पर क्या-क्या कार्यक्रम होने हैं, इसे लेकर प्रदेश की गुरुद्वारा कमेटी को व्यापक रूपरेखा तैयार करना चाहिए।
Updated on:
13 Apr 2025 07:05 pm
Published on:
13 Apr 2025 07:05 pm
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