
नया मकान बनवाने वालों को बड़ी राहत, बालू-मौरंग को लेकर सरकार ने किया धमाकेदार फैसला
लखनऊ. अगर आप नया मकान बना रहे हैं या फिर बनवाना चाह रहे हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। बालू, मौरंग और गिट्टी की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में यूपी सरकार ने उत्तर प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली 2002-2018 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की वेबसाइट पर उत्तर प्रदेश में बालू और मौरंग ऑनलाइन बिकेगी। माना जा रहा है कि इससे बालू-मौरंग की बढ़ती कीमत और कालाबाजारी पर अंकुश लग सकेगा। उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जहां ऑनलाइन बालू, मोरंग और गिट्टी की बिक्री की जाएगी।
नई नियमावली के तहत बालू-मौरंग के भंडारण का लाइसेंस अब सिर्फ तीन वर्षों के लिए ही दिया जाएगा। इसके अलावा भंडारण लाइसेंस का नवीनीकरण अधिकतम दो वर्षों के लिए किया जाएगा। हालांकि, फुटकर विक्रेताओं पर भंडारण लाइसेंस की शर्त लागू नहीं होगी, लेकिन अगर वह 100 घनमीटर से अधिक बालू-मौरंग का भंडारण करेंगे तो उन्हें वेबपोर्टल पर इसका पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बालू-मौरंग के अवैध भंडारण पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना देय होगा।
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में विभाग की वेबसाइट अपडेट कर दी गई है, जहां बालू और मौरंग की खदानों का ब्यौरा सार्वजनिक किया गया है। वेबसाइट पर अमुक जिले का खनन क्षेत्र, खनन पट्टाधारक का नाम, उप खनिज की मात्रा और प्रतिदिन की कीमत उपलब्ध होगी। इसके अलावा जिलों में प्रमुख निजी भंडारण केंद्र और उनकी भंडारण क्षमता का भी ब्योरा होगा। उपभोक्ता वेबसाइट के जरिये अपने जिले में नजदीकी खदान या भंडारण केंद्र से बालू-मौरंग खरीद सकेंगे। इसकी कीमत का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा सकेगा। उपभोक्ता चाहें तो खदान से खुद के वाहन के जरिये बालू-मौरंग ला सकेंगे। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के निदेशक डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि वेबसाइट पर बालू और मौरंग की खदानों का ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया गया है। इसके बाद अब बालू-मौरंग की बिक्री ऑनलाइन की जा सकेगी।
Published on:
19 Dec 2018 04:00 pm

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