
लखनऊ पुलिस- साइबर क्राइम टीम ने किया चार अंतरराज्यीय ठगों का पर्दाफाश फोटो सोर्स : Patrika
Banana Farming Scam Busted: एक चतुर प्रतिमा बना कर केले की उन्नत खेती कराने के नाम पर किसान से ₹29.25 लाख से अधिक की साइबर ठगी करने वाले चार अंतरराज्यीय ठगों को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की जोन‑दक्षिण (थाना गोसाईगंज) व साइबर क्राइम सेल ने गिरफ्तार किया है। बदला लेने से भी ज्यादा प्रशंसा मिली है क्योंकि यह एक ऐसी ठगी थी, जिसमें तकनीकी और सामाजिक दोनों तरह से भरोसा जमाया गया था।
गोसाईगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले अवधेश कुमार (पुत्र भागीरथ), ग्राम कासिमपुर बिरूहा, को धोकाधड़ी का शिकार बनाया गया। आरोप है कि 22 जून 2025 को फेसबुक पर एक फर्जी फर्म का पेज बनाए गए। उसमें कथित कूटरचित (नकली) सर्टिफिकेट साझा कर अवधेश को भरोसा दिलाया गया कि वह उसके लिए केले की उन्नत प्रजाति के पौधे सस्ते दामों पर उपलब्ध करा सकते हैं। इसके भरोसे अवधेश ने कुल ₹29,25,500/- ट्रांसफर कर दिए। उक्त सूचना मिलने पर थाना गोसाईगंज में मुकदमा संख्या 318/2025 पंजीकृत हुआ और साइबर क्राइम सेल में भी शिकायत दर्ज की गई।
लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के सांगली जिले के मिरज ग्रामीण और कर्नाटक के विजयपुरा (बीजापुर) से चार अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से:
पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई में गोसाईगंज थाना और साइबर क्राइम सेल ने मिलकर तकनीकी सहायता एवं डिजिटल फॉरेंसिक विधियों का उपयोग किया। सोशल मीडिया ट्रैक्स, बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन आदि की मदद से आरोपियों का पता लगा कर गिरफ्तार किया गया।
ऑनलाइन धोखाधड़ी की इस घटना की चपेट में आने का मुख्य कारण था ठगों का सोशल मीडिया का कुशल उपयोग। फेसबुक पर fake domain/id‑61576662486527 जैसे पेज स्थापित कर, लोग समझे कि यह एक वैध कृषि फर्म है। तथाकथित किसान प्रमाण पत्र भेजकर विक्रय का झांसा दिया गया। किसान की विश्वसनीयता और आकांक्षाओं का लाभ उठाया गया।
अवधेश कुमार ने बताया कि वे खेती के काम में लगे थे और उन्नत किस्म के पौधे खरीदने की सोच रहे थे। फेसबुक कॉल पर उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पौधे सीधे पहुंच जाएँगे। बाद में भुगतान के बाद पौधे नहीं मिले, और फर्म का एड्रेस/पेज गायब था। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व गोसाईगंज के थाना प्रभारी और लखनऊ साइबर क्राइम सेल के अधिकारी संयुक्त रूप से कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सोशल मीडिया में सक्रिय ऐसी ठगी की जानकारी पर तत्काल कार्रवाई हो। पिछले कुछ महीनों में इस तरह की क्राइम में बढ़ोतरी देखी गई, जिससे पुलिस भी सजग हुई।
अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, आईटी एक्ट और अपराधों से जुड़ी अन्य धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। पुलिस आगे के साक्ष्य जुटा रही है, जिसमें बैंक स्टेटमेंट, फेसबुक चैट्स, फोन कॉल डीटेल, VCF फाइल अलग-अलग स्रोतों से जुटाए जा रहे हैं। अदालत में आरोपियों को पेश कर वांछित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला राज्य में किसानों व आम जनता को सचेत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मंत्रालय और पुलिस दोनों इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए सोशल मीडिया चेतावनी अभियान चला रहे हैं और लोकल गांव स्तर पर डिजिटल जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
Published on:
03 Aug 2025 06:28 pm
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