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सावधान!यूपी-उत्तराखंड में बांग्लादेश से हो रही नकली नोटों की सप्लाई, पहचान मुश्किल

Fake Indian currency in UP:बांग्लादेश में नकली भारतीय करेंसी की जमकर छपाई हो रही है। उस नकली करेंसी को पश्चिम बंगाल होते हुए यूपी और उत्तराखंड में खपाया जा रहा है। मामला सामने आने से पुलिस और खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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लखनऊ

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Naveen Bhatt

Oct 15, 2024

Fake Indian currency printed in Bangladesh is being supplied in UP-Uttarakhand

बांग्लादेश से यूपी और उत्तराखंड में सप्लाई हो रही नकली भारतीय करेंसी का भंडाफोड़ हुआ है

Fake Indian currency in UP:यूपी और उत्तराखंड में बांग्लादेश में छपी नकली भारतीय करेंसी की धड़ल्ले से सप्लाई हो रही है। नकली नोट सप्लाई करने के खेल का नैनीताल पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। लालकुलां में बीते नौ अक्तूबर को सर्राफ से नकली करेंसी मिलने के मामले की जांच के बाद पुलिस ने जीजा-साला समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर उनसे 2.98 लाख रुपए की नकली करेंसी जब्त की है। आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने मामले का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि नौ अक्तूबर को लालकुआं के सर्राफ शिवम वर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को नकली करेंसी सप्लाई को लेकर अहम सुराग मिले। सर्राफ से पूछताछ के बाद 13 अक्तूबर को पुरानी नगीना कॉलोनी प्राथमिक विद्यालय के खंडहर से आसिफ अंसारी, सैय्यद मौज्जम अली, अली मोहम्मद को पकड़ा गया। पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने जो खुलासा किया उससे उत्तराखंड से लेकर यूपी तक हड़कंप मचा हुआ है। मामला सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

नकली नोट बरेली से हुए सप्लाई

नकली करेंसी का भंडाफोड़ होने से दो राज्यों में खलबली मची हुई है। एसएसपी के मुताबिक उत्तराखंड और यूपी में खपाने के लिए 3.07 लाख की नकली करेंसी पश्चिम बंगाल से ट्रेन के जरिए बरेली और लालकुआं पहुंची थी। हालांकि इनकी छपाई बांग्लादेश में हो रही थी। बरेली निवासी आसिफ अंसारी उर्फ आशिक रजा और सय्यद मौज्जम प.बंगाल से नकली नोट लाते थे। यहां वह लालकुआं निवासी अली मोहम्मद, सर्राफ शिवम वर्मा और विनोद को खपाने के लिए देते थे।

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इन नकली नोटों की पहचान मुश्किल

पश्चिम बंगाल से लाकर खपाई जा रही नकली करेंसी को पहचान पाना बेहद मुश्किल था। यहां तक कि एक बार तो बैंक कर्मी भी चकरा गए। आम जनता के लिए यह नामुमकिन था। वहीं जब्त किए गए लाखों के नकली नोटों पर दर्ज सीरियल नंबर एक ही था। जब पुलिस और बैंक की नजर इस पर पड़ी, तब पहचान पुख्ता हुई। आम आदमी इस नकली करेंसी और असली करेंसी में अंतर समझ ही नहीं पाएंगे। गिरोह के लोग 50 हजार असली नोटों के साथ डेढ़ लाख रुपये नकली करेंसी खपा रहे थे।

पश्चिम बंगाल से लाते थे नकली करेंसी

एसएसपी के मुताबिक आरोपी पश्चिम बंगाल के मालदा से नकली करेंसी लाकर उत्तराखंड और यूपी समेत अन्य राज्यों में खपाते थे। सर्राफ शिवम, आरोपी आसिफ अंसारी और सय्यद मौज्जम अली गिरोह के मुख्य सदस्य हैं। पुलिस अब तक सर्राफ समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर 3,07 लाख रुपये की नकली करेंसी जब्त कर चुकी है। बांग्लादेश से नकली करेंसी पहुंचने से यूपी और उत्तराखंड में हड़कंप मचा हुआ है।

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