
उत्तराखंड के दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल पड़ी हुई हैं
Big Action:सरकारी अस्पतालों से लंबे समय से गायब चल रहे 160 डॉक्टर सेवा से बर्खास्त किए जाएंगे। उत्तराखंड में तैनात ये डॉक्टर लंबे समय से गायब चल रहे हैं। मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में तैनात कई डॉक्टर लंबे समय से गायब चल रहे हैं। इससे मरीजों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। मरीजों को जिला मुख्यालय के अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ रहा है। इस संबंध में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिलों के सीएमओ से इस संदर्भ में ब्योरा मांगा था। राज्य के विभिन्न जिलों में 160 डॉक्टरों के गायब होने की रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री को मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद अब डॉक्टरों को बर्खास्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में तैनात कई डॉक्टर लगातार पीजी कोर्स के नाम पर गायब हो रहे हैं। कोई बिना शासन की अनुमति के गायब है तो कई पीजी कोर्स पूरा होने के सालों बाद भी मूल तैनाती स्थल पर नहीं लौट रहे। कई डॉक्टर ऐसे भी हैं जो अधिक सेलरी के लालच में निजी अस्पतालों में काम कर रहे हैं। कुछ ने अपने क्लीनिक ही खोल रखे हैं। इस वजह से अस्पताल में डॉक्टर का पद तो भरा है लेकिन मरीजों के इलाज के लिए वास्तव में कोई डॉक्टर नहीं है। इस वजह से मरीजों को परेशानी हो रही है। इसे देखते हुए अब विभाग की ओर से सख्त निर्णय लिया गया है।
उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक सरकारी अस्पतालों से गायब चल रहे 160 डॉक्टरों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। इन डॉक्टरों के पद रिक्त होने के बाद नई भर्ती शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में एमबीबीएस डॉक्टर उपलब्ध हैं, ऐसे में गायब डॉक्टरों की वजह से मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
Updated on:
25 Dec 2024, 8:07 AM IST
Published on:
25 Dec 2024, 8:07 AM IST
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