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यूपी पंचायत चुनाव 2026 को लेकर पहली बार बोले अखिलेश, भाजपा पर लगाया गंभीर आरोप

यूपी में 2026 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत के लिए होने हैं, लेकिन ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण प्रक्रिया पूरी न होने के कारण चुनाव टल सकते हैं।
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लखनऊ

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Anuj Singh

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Updated: 17 Feb 2026, 11:42 AM IST

सरकार पर अखिलेश का बड़ा हमला

सरकार पर अखिलेश का बड़ा हमला Source- X

UP Panchayat Chunav 2026: यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव यानी ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव 2026 में होने हैं। पहले अनुमान था कि अप्रैल से जून 2026 के बीच ये चुनाव हो जाएंगे। लेकिन अब कई वजहों से इनके टलने की बात हो रही है। पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन नहीं होना और आरक्षण की प्रक्रिया पूरी न होना मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने में 6 महीने लग सकते हैं। ऐसे में चुनाव समय पर नहीं हो पाएंगे और शायद 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद या साथ में करवाए जाएं। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर पहले कहते थे कि चुनाव समय पर होंगे, लेकिन अब इस पर कोई नया बयान नहीं आया है। कोर्ट के कुछ आदेशों के बाद भी चुनाव टलने का अनुमान लगाया जा रहा है।

अखिलेश यादव का पहला बड़ा बयान

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में पहली बार पंचायत चुनाव 2026 को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने भाजपा और योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश का कहना है कि पंचायत चुनाव इसलिए लेट हो रहा है क्योंकि सरकार बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में घोटाला कर रही है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 (जिससे वोटर का नाम कटवाया जाता है) का दुरुपयोग हो रहा है। अज्ञात लोगों के नाम से फॉर्म भरे जा रहे हैं और PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय के लोगों के वोट कटवाए जा रहे हैं। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा वाले पहले से ही वोटर लिस्ट में बदलाव कर रहे हैं, ताकि विपक्ष के वोट कम हो जाएं। उन्होंने इसे एक बड़ी साजिश बताया और कहा कि सरकार महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ऐसा कर रही है।

अखिलेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि सरकार डरी हुई है, इसलिए पंचायत चुनाव नहीं करा रही। यह पहला मौका है जब किसी बड़ी पार्टी के नेता ने पंचायत चुनाव पर इतनी साफ बात कही है। इससे पहले अन्य पार्टियां चुप थीं।

अन्य पार्टियों और सरकार की चुप्पी

भाजपा या योगी सरकार की तरफ से अभी तक पंचायत चुनाव टलने या वोटर लिस्ट घोटाले के आरोपों पर कोई सीधा जवाब नहीं आया है। पंचायती राज मंत्री के पुराने दावों के बाद भी नई जानकारी नहीं मिली। चुनाव आयोग पर भी अखिलेश ने सवाल उठाए हैं कि फॉर्म-7 के दुरुपयोग को क्यों नहीं रोका जा रहा।

क्या होगा आगे?

अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर ओबीसी आयोग की रिपोर्ट देर से आई तो पंचायत चुनाव 2026 में नहीं हो पाएंगे। कई लोग मानते हैं कि इन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव के साथ करवाना आसान होगा। लेकिन कोर्ट के फैसले और राजनीतिक दबाव से तस्वीर बदल सकती है। अखिलेश यादव के बयान से साफ है कि पंचायत चुनाव अब सिर्फ स्थानीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि राज्य की बड़ी राजनीति से जुड़ गया है। PDA समुदाय के वोटरों पर असर डालने की कोशिशों के आरोपों से बहस और तेज हो गई है। आने वाले दिनों मे पंचायत चुनाव को लेकर यूपी की राजनीति गरमा सकती है।

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