
भाजपा सरकार पर कुशासन के आरोप, हजारों कार्यकर्ताओं संग निकले दिग्गज नेता (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Congress UP Protest: मनरेगा बचाओ महासंग्राम और भाजपा सरकार के कथित कुशासन के खिलाफ कांग्रेस ने राजधानी लखनऊ में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। विधानसभा घेराव और प्रदर्शन के लिए कांग्रेस कार्यालय से बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए निकले। पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बना दिया। प्रदर्शन में अविनाश पांडे (राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रभारी), अजय राय (प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री), किशोरी लाल शर्मा (सांसद), आराधना मिश्रा मोना (नेता विधानमंडल कांग्रेस), वीरेंद्र चौधरी (विधायक) सहित कई वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक शामिल रहे।
सुबह से ही कांग्रेस कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। हाथों में बैनर, तख्तियां और पार्टी के झंडे लिए कार्यकर्ता “मनरेगा बचाओ” और “भाजपा कुशासन बंद करो” जैसे नारे लगा रहे थे। नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए जीवन रेखा है, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण इसका बजट घटाया जा रहा है और भुगतान में देरी हो रही है।
सभा को संबोधित करते हुए अविनाश पांडे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मनरेगा को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के जरिए गांवों में रोजगार सृजन होता है, लेकिन सरकार की उदासीनता से योजना प्रभावित हो रही है। सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस मनरेगा की मूल भावना,ग्रामीण सशक्तिकरण को बचाने के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार गरीब विरोधी नीतियां अपना रही है।
नेता विधानमंडल कांग्रेस आराधना मिश्रा मोना ने विधानसभा घेराव को लोकतांत्रिक अधिकार बताया। उन्होंने कहा कि जब सरकार जनता की आवाज नहीं सुनती, तब सड़क पर उतरना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में फंड की कमी, मजदूरी भुगतान में देरी और तकनीकी बाधाएं मजदूरों को परेशान कर रही हैं।
विधायक वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने मांग की कि सरकार मनरेगा के लिए पर्याप्त बजट आवंटित करे और लंबित भुगतानों को तत्काल जारी करे।
विधानसभा घेराव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारी जब आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें निर्धारित सीमा तक ही जाने दिया।कुछ स्थानों पर हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, लेकिन वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से मामला शांत रहा। प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रखी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रदर्शन केवल मनरेगा तक सीमित नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी ध्यान में रखकर किया गया शक्ति प्रदर्शन है। कांग्रेस प्रदेश में अपनी सक्रियता बढ़ाने के लिए जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दे रही है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। युवाओं और महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। कई जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं भी उठाईं।
संबंधित विषय:
Published on:
17 Feb 2026 01:03 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
