
मुख्य सचिव ने ईएसआई को लेकर समीक्षा बैठक की
Big Action:राज्य में 15 हजार इकाइयों को नियमों के उल्लंघन में नोटिस जारी किए गए हैं। कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी बीमा योजना (ईएसआई) का लाभ नहीं देने पर उत्तराखंड श्रम विभाग ने राज्य की 15 हजार इकाइयों को नोटिस जारी किए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव शहरी विकास से नगर निगमों-निकायों में दैनिक, संविदा कर्मियों को ईएसआई का लाभ देने के लिए अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। साथ ही निर्देश दिए कि नगर निगमों और राज्य सरकार के सभी विभागों के संविदा व सामान्य श्रमिकों को ईएसआई का लाभ मिलना सुनिश्चित कराया जाए। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक साथ 15 हजार इकाइयों को नोटिस जारी होने से हड़कंप मचा हुआ है।
मुख्य सचिव ने ग्रामीण विकास, युवा कल्याण, आपदा प्रबंधन, वित्त, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के साथ ही विभिन्न एनजीओ में कार्यरत संविदा, सामान्य श्रमिकों को ईएसआई से जोड़ने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि इसके लिए जल्द से जल्द कार्ययोजना बनाई जाए। बैठक में श्रम विभाग की ओर से बताया कि प्रदेशभर में अभी तक 15 हजार से ज्यादा इकाइयों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन इकाइयों में ईएसआई कवरेज सुनिश्चित कराई जा रही है। मुख्य सचिव ने पात्रों तक योजना का लाभ सुनिश्चित करने को दोबारा अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के तहत राज्य में स्थापित संगठित क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक अवस्थापनाओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठान में 10 या उससे अधिक कर्मियों के होने पर इकाई ईएसआई के दायरे में आती है। सामान्य कर्मचारियों को 21 हजार और दिव्यांगजन को 25 हजार रुपये की सीमा तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम भारत सरकार की ओर से इंश्योर्ड किया जाता है। वर्तमान में ईएसआई से कुल 7,34,343 श्रमिक जुड़े हुए हैं। इस योजना में नियोक्ता का अंशदान 3.25 प्रतिशत और कर्मचारियों का अंशदान 0.75 प्रतिशत होता है। निगम की ओर से राज्य सरकार को योजना संचालन के 100 प्रतिशत में से वास्तविक व्यय की 87.5 धनराशि की प्रतिपूर्ति की जाती है।
Published on:
26 Nov 2024 08:56 am
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