
asaram in jodhpur
लखनऊ. आसाराम यौन उत्पीड़न मामले की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है। मामले से जुड़े कई अहम गवाहों की सिलसिलेवार हत्या हो गई। एक गवाह की हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपी नारायण पांडेय की हालत बिगड़ने की बात पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे लखनऊ के केजीएमसी अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। लेकिन नारायण की बीमारी से पीड़िता के पिता की टेंशन बढ़ गई है। पीड़िता के पिता का कहना है कि नारायण पांडेय बीमारी का ड्रामा कर रहा है और बाहर रहकर उनकी हत्या का षड्यंत्र रच सकता है। साथ उनका ये भी कहना है कि आसाराम के कई गुर्गे पिछले कई दिनों से शहर में मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि नारायण सोची समझी रणनीति के तहत इलाज के बहाने जेल से केजीएमसी पहुंचा है। वहीं डॉक्टर अनिल राज ने बताया कि नारायण को डॉक्टरों ने एमआरआई और सीटी स्कैन की सलाह देने की बात कहते हुए लखनऊ के केजीएमसी अस्पताल रेफर किया है।
' आसाराम की तरह बीमारी का नाटक कर रहा है नारायण पांडेय'
पीड़िता के पिता का कहना है कि आसाराम की तरह गवाह का हत्यारोपी नारायण पांडेय भी बीमारी का ड्रामा कर रहा है।
उनका कहना है कि केस को बिगाड़ने के लिए इलाज के बहाने नारायण पांडेय और उसके गुर्गे उनके परिवार के खिलाफ षड्यंत्र रचकर उनकी हत्या करा सकते हैं । पीड़िता के पिता का कहना है कि इससे पहले आसाराम भी एम्स मे बीमारी का बहाना बनाकर भर्ती हुआ था लेकिन उसको कोई बीमारी नही थी। ऐसे ही नारायण पांडेय भी बीमारी का बहाना बनाकर किसी वारदात को अंजाम देने लखनऊ आया है। उन्होंने डाक्टरों पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों ने मिलीभगत कर उसे लखनऊ रेफर किया है। ताकि लखनऊ में भर्ती होकर वह मेरी हत्या का प्लान आसानी से बना सके।
ये था पूरा मामला
आपको बता दें कि नारायण पांडेय पिछले 2 साल से जिला कारागार में बंद है । कड़ी सुरक्षा के बीच में उसका इलाज चल रहा है। दरअसल गवाह कृपाल सिंह की हत्या आरोप में बंद नारायण पांडेय ने रात में अचानक हालत बिगड़ने की बात कही जिसके बाद उसे कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच में जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उसका इलाज शुरू कर दिया गया लेकिन इस दौरान नारायण पांडेय मामले की सीबीआई जांच और खुद का नार्को टेस्ट कराने की मांग करता नजर आया।
आसाराम यौन शोषण की शिकार पीड़िता शाहजहांपुर की ही रहने वाली है और इसी मामले के मुख्य गवाह कृपाल सिंह की 2015 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गवाह की हत्या में नारायण पांडेय और कार्तिक को नामजद किया गया था। इसके बाद नारायण पांडेय को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था।
Updated on:
13 Jan 2018 11:49 am
Published on:
13 Jan 2018 11:44 am

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