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मेनका गांधी का मॉडल से राजनीति तक का सफर, रह चुकी हैं पत्रकार

एक आकस्मिक दुर्घटना में संजय गांधी के देहान्त के बाद वे सन 1982 में राजनीति में आयी थी।

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Rohit Singh

Nov 16, 2016

menka gandhi

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लखनऊ। मेनका गांधी का जन्म 26 अगस्त 1956 को दिल्ली
में हुआ था। उनकी शिक्षा प्रारम्भिक शिक्षा लारेंस स्कूल और सनवर में हुई।
उसके बाद उन्होंने लेडी श्रीराम
कालेज नयी दिल्ली में हुई। उन्होने तत्कालीन प्रधान मंत्री इन्दिरा गांधी
के छोटे बेटे संजय के साथ विवाह किया। एक आकस्मिक दुर्घटना
में संजय गांधी के देहान्त के बाद वे सन 1982 में राजनीति में आयी थी।

मेनका
गांधी भारत की प्रसिद्ध राजनेत्री एवं पशु-अधिकारवादी हैं। पूर्व में वे
पत्रकार भी रह चुकी हैं। किन्तु भारत की महिला प्रधान मंत्री इन्दिरा गांधी
के छोटे पुत्र स्वर्गीय संजय गांधी की पत्नी के रूप में वे अधिक विख्यात
हैं। उन्होने अनेकों पुस्तकों की रचना की है तथा उनके लेख विभिन्न
पत्र-पत्रिकाओं में प्रायः आते रहते हैं। वे वर्तमान में भारत की महिला एवं
बाल विकास मंत्री हैं।

संजय गांधी को मॉडल रहीं मेनका पहली
नजर में ही पसंद आ गई थीं। महज 17 साल की उम्र में मेनका को पहला मॉडलिंग
ब्रेक मिला। बॉम्बे डाइंग के एक विज्ञापन के लिए उन्होंने शूटिंग की थी।
इसी विज्ञापन में मेनका को देखते ही संजय गांधी उन्हें दिल दे बैठे थे। लोगों के बीच उस समय ये चर्चा थी कि संजय गांधी और मेनका के कजिन वीनू
कपूर दोस्त थे। वीनू की
शादी की पार्टी में ही संजय और मेनका की पहली मुलाकात 1973 में हुई थी।
मेनका की मां को ये रिश्ता पसंद नहीं था, लिहाजा मेनका को उनकी दादी के घर
भेज दिया गया। जुलाई, 1974 में मेनका वापस घर लौटीं और एक महीने बाद संजय
से उनकी सगाई हुई।

सिर्फ एक साल में ही संजय और मेनका की लव
स्टोरी शादी में बदल गई। संजय गांधी ने ने 23 सितंबर, 1974 में मेनका से
शादी कर ली। शादी के बाद मेनका अक्सर संजय के साथ दौरों पर जाती थीं। संजय
और
कांग्रेस पार्टी को मजबूती देने के लिए मेनका ने एक मासिक पत्रिका सूर्या
का प्रकाशन भी शुरू किया था।


संजय गांधी प्लेन उड़ाने के शौकीन थे और यही उनकी मौत का कारण भी बना।
दिल्ली में विमान हादसे में सिर में आई चोटों के कारण उनकी मौत हो गई थी।
कहा जाता है कि संजय की मौत की खबर कई घंटों बाद मेनका को दी गई। घटना के
वक्त वरुण गांधी (संजय-मेनका गांधी के बेटे) मात्र 3 महीने के थे। संजय की
मौत के बाद इंदिरा और मेनका में विवाद हुआ और 1981 में मेनका हमेशा के लिए
वो घर और संपत्ति छोड़कर चली गईं।