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मुलायम के इटावा, मैनपुरी, औरैया, कानपुर देहात और बदायूं गढ़ में भाजपा ने लगाई सेंध

लम्बे समय बाद इतनी बड़ी संख्या में बने इस क्षेत्र के मंत्री बरेली में मंत्री पांच साल पूरा नहीं कर पाते  

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लखनऊ

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Anil Ankur

Aug 23, 2019

BIG NEWS: मुलायम सिंह यादव के सामने भाजपा नहीं उतारेगी प्रत्याशी, भाजपा के इस बड़े नेता ने किया ट्वीट

BIG NEWS: मुलायम सिंह यादव के सामने भाजपा नहीं उतारेगी प्रत्याशी, भाजपा के इस बड़े नेता ने किया ट्वीट

Anil K. Ankur

लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल में जो विस्तार किया उससे सीएम ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। सपा के संस्थापक मुलायम सिंह के गढ़ कहे जाने वाले इलाके इटावा, मैनपुरी, औरैया, कानपुर देहात, बदायूं के भाजपा नेताओं को मंत्री बनाकर मुलायम के घरों पर सेंध लगाने की कोशिश की है। मंत्रिमंडल में जिलों की हिस्सेदारी से इसका साफ संकेत है कि भाजपा मिशन 2022 में जुट गई है। इसी के साथ सपा के सामने अब अपने क्षेत्र को बचाने का नया संकट सामने होगा।

ओबीसी वाले इलाकों में भाजपा ने बनाए मंत्री

भाजपा ने अपने नए मंत्रिमंडल में ओबीसी फैक्टर को ध्यान में रखा है। यादव बेल्ट वाले जिलों से आने वाले जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल में खासतौर पर जगह दी है। इलाकाई जातीय समीकरणों को अपने पक्ष में करने के लिए गैर यादव वर्ग में पैठ बनाने की तैयारी है। मैनपुरी, कानपुर देहात, बदायूं आदि जिलों से मंत्री बनाने का यही संकेत है। समझा जा रहा है कि 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा की यह अभी से शुरू की गई तैयारी का हिस्सा है।

लोकसभा चुनाव में कई गढ़ में भाजपा ने गाड़े थे झंडे

वर्ष 2022 के लिए सपा के लिए भाजपा ने जो तैयारी की है उसके मुताबिक सपा के गढ़ कन्नौज कीलोकसभा सीट को जीत लेने के बाद अब भाजपा की निगाह मैनपुरी पर हंै। सपा के गढ़ कन्नौज में भी अपनी विजय पताका फहराई लेकिन वह मैनपुरी का गढ़ नहीं जीत पाई। अब मुलायम सिंह यादव यहां से सांसद हैं। यहां की भोगांव सीट से भाजपा विधायक राम नरेश अग्निहोत्री को मंत्री बनाने से साफ है। यादव बहुल इस इलाके में भाजपा धीरे-धीरे अपनी पकड़ बनाने में जुटी है। कानपुर देहात का इलाका भी कन्नौज संसदीय सीट में आता है। इस जिले की रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र कन्नौज संसदीय सीट में आता है। औरया का कुछ हिस्सा (विधूना)भी इसके दायरे में पड़ता है। इन दोनों जिलों को भी मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल में तवज्जो दी है। इसके अलावा कांग्रेस के गढ़ अमेठी में भी भाजपा अपना परचम फहरा चुकी है।

मुलायम के अभेद गढ़ रहे बदायूं को भी मिली तरजीह

इस बार मुलायम सिंह यादव के अभेद गढ़ बदायूं में मुलायक के भतीजे की हार के बाद भाजपा उत्साहित है। भाजपा ने इस बार औरया की दीबियापुर से विधायक लाखन सिंह राजपूत को तवज्जो देकर आगे बढ़ाया गया है। इसी तरह कानपुर देहात जिले से अजीत सिंह पाल को भी मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है। बदायूं सपा का पुराना गढ़ है। इस बार लोकसभा सीट पर भाजपा ने जीती। इस पर सपा के असर को कम करने के लिए यहां से भी पार्टी के एक विधायक को मंत्री बनाया गया है। बदायूं से महेश चंद्र गुप्ता को मंत्रिमंडल में लिया गया है। यह सब इस बात के संकेत करते हैं कि भाजपा ओबीसी बाहुल्य इलाकों में अपनी पैठ और मजबूत करने के साथ सपा के सामने नया संकट पैदा करना चाहती है।