
उपचुनाव में हार पर बीजेपी विधायक की 'बागी' कविता, सीएम योगी को बताया असहाय
लखनऊ. कैराना-नूरपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी के विधायक श्यामप्रकाश ने कविता के जरिए अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा है। हरदोई से विधायक श्यामप्रकाश ने फेसबुक और ट्विटर कविता लिख डाली कि- 'मोदी नाम से पा गए राज, कर न सके जनता मन काज...। ' इस कविता के जरिए उन्होंने सीएम योगी व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडे पर भी निशाना साधा।
पढ़ें ये है कविता
मोदी नाम से पा गए राज
कर न सके जनता मन काज
संघ, संगठन हाथ लगाम
ख्यमंत्री भी असहाय
जनता और विधायक त्रस्त
अधिकारी, अध्यक्ष भी भ्रष्ट
उतर गई पटरी से रेल
फेल हुआ अधिकारी राज
समझदार को है ये इशारा
आगे है अधिकार तुम्हारा
पिछली सरकार के अपेक्षा ज्यादा भ्रष्टाचार
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में श्यामप्रकाश ने कहा कि सीएम योगी की भी अधिकारी नहीं सुनते तो विधायकों की क्या सुनेंगे। विधायक अपनी जनता के काम नहीं करा पा रहे। जब जनत के हित के काम नहीं होंगे पार्टी कैसे जीतेगी। इसी कारण उन्होंने फेसबुक पर अपने दिल का दर्द बयां किया। उन्होंने ये तक कह डाला कि इस सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ा है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
बता दें कि इससे पहले भी बीजेपी के अपने ही नेता सरकार के खिलाफ निशाना साध चुके हैं। बीजेपी की इस हार से सोशल मीडिया से लेकर विपक्ष को मौका मिल गया। यहां तक कि खुद भाजपा के अपने विधायक भी पार्टी को आईना दिखाने से नहीं चूके। भाजपा विधायक श्यामप्रकाश ने तो फेसबुक और ट्विटर पर 'हकीकत ' बताती कविता लिख डाली कि- 'मोदी नाम से पा गए राज, कर न सके जनता मन काज...। ' उधर गठबंधन की जीत पर भी खूब तंज कसे गए।
पहले भी बागी हो चुके हैं कई नेता
पिछले दिनों बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने जिन्ना को महापुरुष करार दिया है साथ ही यह भी बताया कि आजादी की लड़ाई में जिन्ना का योगदान था। इसलिए जिन्ना की तस्वीर को जहां भी लगाए जाने की जरूरत है उस जगह पर लगाई जानी चाहिए। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने जिन्ना की तारीफ करते हुए तस्वीर लगाने को सही ठहराया था। उन्होंने कहा था कि जिन महापुरुषों का योगदान इस राष्ट्र के निर्माण में रहा है, उन पर उंगली उठाना घटिया बात है। मौर्य ने कहा कि देश के बंटवारे से पहले इस देश में जिन्ना का भी योगदान है।
सांसद भी लिख चुके है पत्र
बीजेपी के सांसदों ने अपनी सरकार के खिलाफ ही बगावती तेवर अपना लिए थे। सोनभद्र से सांसद छोटेलाल खरवार ने मुख्यमंत्री के साथ ही प्रदेश नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाया। वहीं, इटावा के सांसद अशोक दोहरे का आरोप है कि भारत बंद के बाद दलितों के खिलाफ पुलिस झूठे मुकदमे दर्ज कर रही । सांसद सावित्री बाई फुले ने यूपी कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के पिछड़ों की उपेक्षा के बयान को सही बताया। उन्होंने कहा कि यह सच है पिछड़ों की उपेक्षा हो रही है। मुझे सांसद न कहकर दलित सांसद कहा जाता है।
Published on:
01 Jun 2018 12:02 pm
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