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Mission 2024: घोसी चुनाव हारने के बाद BJP कराएगी पॉलिटक्स का महाकुंभ, सबसे बड़े वोट बैंक को साधने की नई स्ट्रैटजी

Ghosi By Election: घोसी उपचुनाव हारने के बाद BJP को तगड़ा सदमा लगा है। इससे सबक लेते हुए पार्टी ने मिशन 2024 के लिए यूपी में नई स्ट्रैटजी पर काम करने का निर्णय लिया है। सबसे पहलेव पार्टी यूपी के सबसे बड़े वोट बैंक OBC और दलित वोटरों को साधने के लिए महाकुंभ का आयोजन करने जा रही है। जानिए क्या हैं इसके मायने...

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लखनऊ

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Vikash Singh

Sep 12, 2023

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BJP पिछड़ा वर्ग के लोगों को जोड़ने के लिए ओबीसी महाकुंभ का आयोजन करने जा रही है। इसमें करीब 2 लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

Ghosi By Election: तारीख: 8 सितंबर, दिन: शुक्रवार। मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट पर इसी महीने की 5 तारीख को हुए उपचुनाव के वोटिंग का रिजल्ट आया। रिजल्ट में सपा के सुधाकर सिंह ने बीजेपी के दारा सिंह चौहान को पॉलिटिक्स का धोबी पछाड़ दांव लगाते हुए 42 हजार वोट से चित्त कर दिया। पासा पलट दिया।

इस सीट पर कुल 49.2 फीसदी मतदान हुआ था। मुकाबला बीजेपी के दारा सिंह चौहान और सपा के सुधाकर सिंह के बीच काफी तगड़ा था। बीजेपी सरकार में लगभग 28 की संख्या में मंत्री और तकरीबन 60 विधायक दारा चौहान के समर्थन में प्रचार करने घोसी आए। एक जनसभा को संबोधित करने खुद सीएम योगी भी घोसी पहुंचे थे।

दल बदल कानून के तहत विधायकी जाने के बाद दोबारा नहीं पक पाई दारा की दाल
दारा OBC कैटेगरी से आते हैं और सुधाकर सामान्य कैटेगरी से। यह सीट इससे पहले दारा सिंह चौहान के पास ही थी। लेकिन, फर्क बस इतना था कि दारा उस समय समाजवादी पार्टी के साथ थे। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए। लिहाजा, दल बदल कानून के तहत उनकी विधायकी भी चली गई। उपचुनाव में बीजेपी ने उनको पार्टी का कैंडीडेट बनाया। दारा अपने जीत के लिए आश्वस्त थे लेकिन रिजल्ट आने के बाद वह राजनीति के शतरंज में हार गए। जीत समाजवादी पार्टी के सुधाकर सिंह की हुई। जीत भी कोई छोटी मार्जिन से नहीं बल्कि कुल 42 हजार वोटों के बड़े अंतर से।

घोसी हार ने बीजेपी को फिर से सोचने यानी री थिंक करने पर मजबूर किया। पार्टी को लोकसभा चुनाव 2024 से कुछ महीने पहले ही देश के सबसे बड़े राज्य में इस तरह की अप्रत्याशित हार की उम्मीद नहीं थी।


OBC और दलित वोट के बिना यूपी से फर्स्ट डिवीजन पास होना मुश्किल
प्रदेश के 2 सबसे जरुरी समुदाय को बिना साधे बीजेपी की नैया पर लगना मुमकिन नहीं बल्कि नामुमकिन है। इसको सीरियसली लेते हुए पार्टी ओबीसी और दलित वोटबैंक को साधने की तैयारी में जुट गई है। लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में हुई पिछड़ा वर्ग मोर्चा की बैठक में तमाम आयोजनों पर चर्चा की गई, जिससे पिछड़ा और ओबीसी वोट के बीच जाकर उन्हें वापस बीजेपी के पास लाया जा सके।

पॉलिटिक्स के महाकुंभ से बनेगी विरोधियों को चित्त करने कि यूनिक स्ट्रैटजी
पार्टी पिछड़ा वर्ग के लोगों को जोड़ने के लिए ओबीसी महाकुंभ का आयोजन करने जा रही है। इसमें करीब 2 लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। पार्टी के पिछड़े चेहरे यह उम्मीद कर रहे हैं कि इस महाकुंभ में BJP प्रेसिडेंट जेपी नड्डा या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हो सकते हैं।

कब होगा पॉलिटिक्स का महाकुंभ?
पॉलिटिक्स का महाकुंभ अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में होगा, जिसके जरिए बीजेपी घर-घर तक अपनी बात पहुंचाने की तैयारी कर रही है। मंगलवार को हुई बैठक में इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। बैठक की अध्यक्षता पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने की थी।

यूपी भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि भाजपा युवा वर्ग के ओबीसी तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया वॉलंटियर्स तैयार करने जा रही है।

80 आउट ऑफ 80 जीतने के लिए तैयार होगी 20 हजार वालंटियर्स की आर्मी
दरअसल, बीजेपी की तैयारी 2024 में यूपी की सभी 80 लोकसभा सीट जीतने की है। इसके लिए सोशल मीडिया के जरिए हर व्यक्ति तक अपनी बात पहुंचाई जाए, इसकी शुरुआत पिछड़ा वर्ग मोर्चा करने जा रहा है। यह मोर्चा हर जिले में ट्रेनिंग वर्कशॉप करवाएगा। इसके जरिए पूरे यूपी में 20 हजार युवाओं की टीम तैयार की जाएगी।


कश्यप ने बताया की पार्टी ने इसके लिए लोकसभा क्षेत्र से लेकर मंडल स्तर तक अलग-अलग टीम बनाने की तैयारी की है। लोकसभा, विधानसभा और प्रदेश स्तर की टीम में 23-23 लोग रहेंगे। जिले और मंडल स्तर पर 13-13 लोगों की टीम रहेगी। इसमें शामिल सोशल मीडिया वॉलंटियर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पिछड़े वर्ग के लिए किए गए कामों को सोशल मीडिया के जरिए पिछड़ा वर्ग तक पहुंचाएंगे। हर जिले में इसके लिए ट्रेनिंग वर्कशॉप होगी, जबकि 24 अक्टूबर को एक बड़ा सम्मेलन भी होगा।

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