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UP में निकला काले धन का खजाना, इनकम टैक्स रेड में मिला 12 सौ करोड़

उत्तर प्रदेश में कई चमड़ा कंपनियों और फूड कंपनियों के कारखानों में छापेमारी की गई। इनकम टैक्स टीम को 12 सौ करोड़ रुपये का काला धन मिला।

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लखनऊ

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Adarsh Shivam

Dec 24, 2022

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कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश में इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी से हड़कंप मच गया था। इनकम टैक्स विभाग की रेड में कई चमड़ा कंपनियों, मेटल कारोबारी का नाम आया था। इस इनकम टैक्स विभाग की रेड में 1200 करोड़ रुपये का काला धन का पता चला, वहीं 1000 करोड़ रुपये की हेरफेर खातों के जरिए की गई।

4 दिनों तक छापेमारी चली
इनकम टैक्स विभाग लखनऊ ने मीट कारोबारी कंपनियों पर छापा मारा था। 4 दिनों तक छापेमारी चली थी। इनकम टैक्स विभाग के बयान के अनुसार, 1200 करोड़ रुपये के कालाधन का पता लगाया गया, जिसमें 1000 करोड़ कैश विभिन्न डमी बैंक एकाउंट्स से निकाला गया है। इसका हिसाब कंपनी मलिक नहीं दे पायेञ कंपनी मालिकों ने 1000 करोड़ की गड़बड़ी को स्वीकार किया है।

रुस्तम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ उन्नाव के बीच इसका कारखाना है।

मार्या फ्रोजेन एग्रो फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड बरेली में ही है।

अल सुमामा एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड इसका बरेली में कारखाना है।

रहबर फूड इंडस्ट्रीज प्रा.लि. बरेली में इसका कारखाना है।

इनकम टैक्स विभाग ने कुछ दिन पहले लखनऊ और उन्नाव के बीच कई कंपनियों में छापेमारी की थी। इस छापेमारी को इतना गोपनीय रखा गया था कि आसपास पुलिस को भनक भी नहीं लग पाई। कंपनियों को अंदर से बंद करवाकर दस्तावेजों की जांच की गई थी।

मोबाइल इस्तेमाल करने पर लगा था रोक
यहां तक की कर्मचारियों को भी मोबाइल इस्तेमाल नहीं करने दिया गया था। इनकम टैक्स विभाग 4 दिनों तक सभी दस्तावेजों का जांच किया था।

इसके बाद वित्तीय अनियमितता और कर चोरी का खुलासा हो पाया। लखनऊ उन्नाव के बीच रहमान ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी। बड़े पैमाने पर इसमें काली कमाई का पता चला था। रहमान इंडस्ट्रीज पर रेड में 60 करोड़ की काली कमाई पकड़ी गई थी।

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रहमान इंडस्ट्रीज से 60 लाख की नकदी और 60 लाख के जेवरात बरामद किए गए थे। जरूरियात कागज न दिखा पाने पर इनकम टैक्स विभाग के कर्मियों ने इसे जब्त किया था। मुनाफे और आय में बड़ी खामियां पाई गई थीं।

विभाग को किसी ने जानकारी दी थी कि रहमान ग्रुप के लेजर बुक में कर चोरी संबंधी गड़बड़ी चल रही है। विभाग को बाद में पता चला कंपनी का यूरोपीय और अफ्रीकी देशों में भी 110 करोड़ से ज्यादा का निवेश है। इसका पूरी तरह से खुलासा नहीं किया गया था।