26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बसपा में फेरबदल: मुनकाद अली हटाए गए अब यूपी की कमान राजभर के हाथ

उपचुनाव के नतीजों के बाद मैनेजमेंट में लगी बसपा उप चुनाव में छह सीटों पर घटा बसपा का जनाधार बुलंदशहर काे छोड़कर सभी सीटों पर तीसरा नंबर
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

shivmani tyagi

•

Updated: 16 Nov 2020, 10:11 AM IST

पराली जलाने की आड़ में किसानों के साथ जुल्म कर रही है योगी सरकार : मायावती

पराली जलाने की आड़ में किसानों के साथ जुल्म कर रही है योगी सरकार : मायावती

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ ( Lucknow ) उप चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद बहुजन समाज पार्टी ने संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव शुरू कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली ( bsp leader munkad ali ) को हटाकर उनकी जिम्मेदारी भीम राजभर ( BSP leader ) को दे दी गई है। यानी अब बसपा के प्रदेश प्रभारी भीम राजभर होंगे। उन्हे बसपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस बदलाव की जानकारी खुद बसपा सुप्रीमों मायावती ने ट्वीट के जरिए अपने समर्थकों को दी है।

यह भी पढ़ें: अनजाने में पिता के हाथों चली गई मासूम बेटे की जान, परिवार में मचा हाहाकार

अपने ट्वीट में बसपा सुप्रीमो मायावती ने लिखा है ( bsp news ) कि यूपी में अति पिछड़े वर्ग में राजभर पार्टी में मूवमेंट से जुड़े पुराने कर्मठ और अनुशासित सिपाही हैं। राजभर जिला मऊ के रहने वाले हैं और अब उन्हें उत्तर प्रदेश स्टेट यूनिट का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है। यह लिखते हुए मायावती ने उन्हें बधाई भी दी है।


ताे उपचुनाव के नतीजे माने जा रहे कारण
इस बदलाव के पीछे उपचुनाव के नतीजों को कारण माना जा रहा है। दरअसल उत्तर प्रदेश में सात सीटों पर हुए उपचुनाव में बसपा के जनाधार का ग्राफ बुरी तरह से गिरा है। ऐसे में 2022 का चुनाव बसपा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया। आशंका जताई जा रही है कि गिरे जनाधार को देखते हुए अब बसपा अपने मैनेजमेंट में जुट गई है। अगर बुलंदशहर को छोड़ दें तो उप चुनाव में प्रदेश की बाकी सभी सीटों पर बसपा के प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में इन सभी सीटों पर बसपा की भारी-भरकम साझेदारी थी।

यह भी पढ़ें: रामपुर में युवती पर तेजाब से हमला करके बाइक सवार फरार, युवती अस्पताल में भर्ती

इन सीटों पर 23.62 फ़ीसदी वोट बसपा को मिले थे लेकिन उपचुनाव में बसपा का यह ग्राफ गिरकर 19 फीसद से भी कम हो गया है। केवल नोगामा की सादात विधानसभा सीट पर बसपा की साझेदारी बढ़ी है जबकि बाकी सभी 6 सीटों पर जनाधार कम हुआ है। बसपा के इसी खराब प्रदर्शन का खामियाजा अब मुनकाद अली को भुगतना पड़ा है और उन्हें उनके प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है।