बसपा में फेरबदल: मुनकाद अली हटाए गए अब यूपी की कमान राजभर के हाथ

  • उपचुनाव के नतीजों के बाद मैनेजमेंट में लगी बसपा
  • उप चुनाव में छह सीटों पर घटा बसपा का जनाधार
  • बुलंदशहर काे छोड़कर सभी सीटों पर तीसरा नंबर

By: shivmani tyagi

Updated: 16 Nov 2020, 10:11 AM IST

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ ( Lucknow ) उप चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद बहुजन समाज पार्टी ने संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव शुरू कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली ( bsp leader munkad ali ) को हटाकर उनकी जिम्मेदारी भीम राजभर ( BSP leader ) को दे दी गई है। यानी अब बसपा के प्रदेश प्रभारी भीम राजभर होंगे। उन्हे बसपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस बदलाव की जानकारी खुद बसपा सुप्रीमों मायावती ने ट्वीट के जरिए अपने समर्थकों को दी है।

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अपने ट्वीट में बसपा सुप्रीमो मायावती ने लिखा है ( bsp news ) कि यूपी में अति पिछड़े वर्ग में राजभर पार्टी में मूवमेंट से जुड़े पुराने कर्मठ और अनुशासित सिपाही हैं। राजभर जिला मऊ के रहने वाले हैं और अब उन्हें उत्तर प्रदेश स्टेट यूनिट का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है। यह लिखते हुए मायावती ने उन्हें बधाई भी दी है।


ताे उपचुनाव के नतीजे माने जा रहे कारण
इस बदलाव के पीछे उपचुनाव के नतीजों को कारण माना जा रहा है। दरअसल उत्तर प्रदेश में सात सीटों पर हुए उपचुनाव में बसपा के जनाधार का ग्राफ बुरी तरह से गिरा है। ऐसे में 2022 का चुनाव बसपा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया। आशंका जताई जा रही है कि गिरे जनाधार को देखते हुए अब बसपा अपने मैनेजमेंट में जुट गई है। अगर बुलंदशहर को छोड़ दें तो उप चुनाव में प्रदेश की बाकी सभी सीटों पर बसपा के प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में इन सभी सीटों पर बसपा की भारी-भरकम साझेदारी थी।

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इन सीटों पर 23.62 फ़ीसदी वोट बसपा को मिले थे लेकिन उपचुनाव में बसपा का यह ग्राफ गिरकर 19 फीसद से भी कम हो गया है। केवल नोगामा की सादात विधानसभा सीट पर बसपा की साझेदारी बढ़ी है जबकि बाकी सभी 6 सीटों पर जनाधार कम हुआ है। बसपा के इसी खराब प्रदर्शन का खामियाजा अब मुनकाद अली को भुगतना पड़ा है और उन्हें उनके प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है।

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