
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभाग का बड़ा फैसला, सुरक्षा व्यवस्था होगी और सख्त (Source: Police Media Cell)
UP Police Cancels All Leaves Till June 30 Ahead of Festivals and Major Events: जून 2026 में प्रस्तावित विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक आयोजनों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। प्रदेश में आगामी दिनों में होने वाले त्योहारों, विशेष आयोजनों और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों को देखते हुए 30 जून 2026 तक सभी पुलिसकर्मियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। इस आदेश के बाद प्रदेशभर के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर मौजूद रहकर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाएंगे।
पुलिस मुख्यालय स्तर से जारी निर्देशों के अनुसार, आने वाले दिनों में विभिन्न धार्मिक पर्वों, सामाजिक आयोजनों और जनसमूह वाले कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए पुलिस बल की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। विभाग का मानना है कि त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक होती है, इसलिए सभी पुलिस इकाइयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
जून माह के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होने हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की भागीदारी रहती है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि भीड़ भाड़ वाले अवसरों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना प्राथमिकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने सभी इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जाए। धार्मिक स्थलों, प्रमुख बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर हर स्थिति पर नजर रखी जाएगी।
पुलिस विभाग के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध रहे। सामान्य परिस्थितियों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी अवकाश पर रहते हैं, लेकिन त्योहारों और विशेष आयोजनों के दौरान अतिरिक्त बल की आवश्यकता पड़ती है।
30 जून तक अवकाश निरस्त किए जाने के बाद सभी पुलिसकर्मी अपने-अपने जनपदों और इकाइयों में तैनात रहेंगे। इससे सुरक्षा ड्यूटी, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध रहेगा। वरिष्ठ अधिकारियों को भी अपने क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस विभाग ने प्रदेश के उन क्षेत्रों को विशेष निगरानी सूची में रखा है, जहां त्योहारों या आयोजनों के दौरान अधिक भीड़ जुटने की संभावना रहती है। ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर पीएसी तथा अन्य सुरक्षा बलों की मदद भी ली जाएगी।
इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों को समय रहते रोका जा सके। साइबर सेल और स्थानीय खुफिया इकाइयों को भी सक्रिय कर दिया गया है।
त्योहारों और बड़े आयोजनों के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यातायात प्रबंधन की होती है। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस को विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख शहरों और धार्मिक स्थलों के आसपास यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। जहां जरूरत होगी वहां डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा ताकि आम लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही आपातकालीन सेवाओं के वाहनों के आवागमन को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। थाना स्तर से लेकर जोन और रेंज स्तर तक सभी अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है।
पुलिस प्रशासन चाहता है कि किसी भी आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे और आम जनता को सुरक्षा का भरोसा मिले। इसके लिए नियमित समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं, जिनमें सुरक्षा इंतजामों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है।
पुलिस विभाग ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था तभी प्रभावी हो सकती है जब प्रशासन और जनता मिलकर काम करें। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की भी अपील की गई है।
प्रदेश में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। छुट्टियां निरस्त करने का फैसला इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों।
आगामी दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए विभिन्न स्तरों पर मॉक ड्रिल, फ्लैग मार्च और सुरक्षा समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जा सकती हैं। पुलिस विभाग का कहना है कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
Published on:
15 Jun 2026 04:08 pm
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