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हवाई जहाज से लखनऊ पहुंचे किसान, जेवर एयरपोर्ट ने रचा नया इतिहास

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली विशेष उड़ान के जरिए 172 किसान लखनऊ पहुंचे। अमौसी एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद उन्हें पांच बसों से मुख्यमंत्री आवास ले जाया गया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jun 15, 2026

जेवर एयरपोर्ट की पहली विशेष उड़ान से राजधानी पहुंचे किसान, मुख्यमंत्री आवास तक ले जाने के लिए पांच बसों की व्यवस्था (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

जेवर एयरपोर्ट की पहली विशेष उड़ान से राजधानी पहुंचे किसान, मुख्यमंत्री आवास तक ले जाने के लिए पांच बसों की व्यवस्था (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

Jewar Airport: उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से उड़ान भरने वाले किसानों का दल सोमवार को राजधानी लखनऊ पहुंचा। इंडिगो की विशेष उड़ान के जरिए 172 किसान लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अमौसी एयरपोर्ट) पहुंचे, जहां उनके स्वागत और आवागमन के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। किसानों को एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचाने के लिए पांच बसों की व्यवस्था की गई, जिनके माध्यम से सभी किसानों को निर्धारित कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया।

जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए यह उड़ान कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर यह प्रदेश के नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की बढ़ती गतिविधियों का संकेत है, वहीं दूसरी ओर किसानों को इससे जोड़कर सरकार ने विकास और कृषि समुदाय के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है। राजधानी पहुंचने वाले किसान प्रदेश के विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ-साथ मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे।

ऐतिहासिक उड़ान का हिस्सा बने किसान

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना हुए 172 किसानों के चेहरे पर उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। कई किसानों ने इसे अपने जीवन का यादगार अनुभव बताया। आधुनिक सुविधाओं से युक्त जेवर एयरपोर्ट से उड़ान भरकर राजधानी पहुंचना उनके लिए गर्व और खुशी का विषय रहा।

किसानों का कहना था कि प्रदेश में विकसित हो रहे बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लाभ अब ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में कृषि उत्पादों के परिवहन और विपणन में भी हवाई संपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

अमौसी एयरपोर्ट पर विशेष इंतजाम

लखनऊ पहुंचने के बाद किसानों के लिए एयरपोर्ट पर विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। अधिकारियों और संबंधित विभागों के कर्मचारियों ने किसानों का स्वागत किया तथा उन्हें व्यवस्थित ढंग से बाहर निकाला गया। एयरपोर्ट के निर्धारित गेट से किसानों को बाहर लाने के बाद सीधे बसों तक पहुंचाया गया।

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पांच बसें पहले से ही तैनात की गई थीं। सभी बसों में बैठने की व्यवस्था के साथ सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए कर्मचारी भी मौजूद रहे। प्रशासन का प्रयास था कि किसी प्रकार की असुविधा न हो और किसान आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।

मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचाने की व्यवस्था

राजधानी पहुंचे किसानों को मुख्यमंत्री आवास ले जाने के लिए प्रशासन ने विस्तृत योजना तैयार की थी। पांच बसों में सभी 172 किसानों को बैठाकर निर्धारित रूट से मुख्यमंत्री आवास के लिए रवाना किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी तैनात किया गया था।

बताया जा रहा है कि किसानों का यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि प्रदेश सरकार और कृषि समुदाय के बीच संवाद को मजबूत करने की पहल का हिस्सा है। मुख्यमंत्री के साथ संभावित मुलाकात के दौरान किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं, कृषि नवाचारों और विकास परियोजनाओं की जानकारी भी दी जा सकती है।

जेवर एयरपोर्ट की बढ़ती अहमियत

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट भविष्य में देश के प्रमुख विमानन केंद्रों में शामिल होने की क्षमता रखता है। एयरपोर्ट के संचालन से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि उद्योग, व्यापार और कृषि क्षेत्र को भी नई संभावनाएं प्राप्त होंगी।

सूत्रों  का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के माध्यम से प्रदेश के किसानों को भी दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है। कृषि उत्पादों के निर्यात, ताजी सब्जियों और फलों की तेज आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। यही कारण है कि किसानों को इस परियोजना से जोड़ने की पहल को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

किसानों में दिखा उत्साह

लखनऊ पहुंचे किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई किसानों ने कहा कि पहली बार हवाई यात्रा करने का अवसर उन्हें मिला है और यह अनुभव उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे किसानों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

किसानों ने यह भी कहा कि प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में सहायक साबित होंगी। उनका मानना है कि बेहतर संपर्क व्यवस्था से कृषि क्षेत्र को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

विकास और कृषि के संगम का संदेश

जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ तक किसानों की यह यात्रा केवल एक हवाई सफर नहीं बल्कि विकास और कृषि के बीच बढ़ते संबंधों का प्रतीक बनकर उभरी है। प्रदेश सरकार लगातार किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और नई सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में प्रयासरत है।

राजधानी में किसानों की मौजूदगी और उनके लिए किए गए विशेष इंतजाम इस बात का संकेत हैं कि राज्य सरकार कृषि समुदाय को विकास यात्रा का महत्वपूर्ण भागीदार मानती है। आने वाले समय में ऐसी पहलें किसानों को नई संभावनाओं से जोड़ने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। जेवर एयरपोर्ट से शुरू हुई यह विशेष उड़ान और किसानों का लखनऊ आगमन प्रदेश के विकास मॉडल की एक नई तस्वीर प्रस्तुत करता है, जिसमें आधुनिक बुनियादी ढांचे और ग्रामीण भारत के बीच मजबूत सेतु बनाने का प्रयास स्पष्ट दिखाई देता है।


सूचना : खबर अपडेट की जा रही हैं।