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बसपा ने शुरू की मुहिम, भाजपा को क्यों नहीं दिखता अपना भ्रष्टाचार

अब मायावती के समर्थन में कार्यकर्ता हुए सक्रिय, चिट्ठी के रूप में सोशल मीडिया व जनमानस के बीच अभियान

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Sanjeev Mishra

Dec 27, 2016

Mayawati

Mayawati

लखनऊ.
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के खाते में नोटबंदी के बाद 104 करोड़ रुपये जमा किये जाने का मामला सामने आने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती तो खुलकर भाजपा के खिलाफ सामने आयी ही हैं, कार्यकर्ता भी इस दिशा में सक्रिय हो गये हैं। सोशल मीडिया से लेकर आम जनमानस तक चलाए जा रहे इस अभियान में मायावती के साथ उनके भाई पर लगाए गए आरोपों को राजनीति से प्रेरित करार देते हुए कहा गया है कि भाजपा को अपना भ्रष्टाचार नहीं दिखता है।

एक आम कार्यकर्ता की चिट्ठी के रूप में जारी इस प्रपत्र में शुरुआत 'आज मैंने टीवी पर बहन जी के ऊपर एक न्यूज़ रिपोर्ट देखी' पंक्तियों से की गयी है। इसमें बसपा के खाते में सात दिन के भीतर 104 करोड़ रुपये जमा किये जाने को अप्रत्यक्ष रूप से मायावती पर आरोप बताने के साथ उनके भाई आनंद कुमार पर भी आरोप लगाने को मुद्दा बनाया गया है।

कार्यकर्ताओं पर असर नहीं
चिट्ठी में पूछा गया है कि ये सब करने से क्या होगा? दावा किया जा रहा है कि ये सब राजनीतिक द्वेष से प्रेरित कदम हैं, जिसका बहनजी पर या बसपा पर विश्वास रखने वाले किसी एक कार्यकर्ता पर भी कोई असर होने वाला नहीं है। जनता भी चुनाव में ऐसे सभी आरोपों का जवाब दे देगी।

भाजपा करे खाते सार्वजनिक
सवाल उठाया गया है कि जब सारा विपक्ष मांग करता रहा कि भाजपा अपने बैंक खातों की जानकारी सार्वजनिक करे, तब तो न भाजपा, न प्रधानमंत्री मोदी, और न ही उनके समर्थकों पर इसका कोई असर हुआ। और अब अचानक बसपा के खाते की जानकारी सार्वजनिक करना एक घृणित कदम है।

रेड्डी की जांच क्यों नहीं
कहा गया है कि क्या पूरे देश में सरकार को एक ही राजनेता दिखी थी? क्या बेनामी संपत्ति में एक ही आदमी दिखा था? ऐसा नहीं है। भाजपा के एक खनन माफिया जनार्दन रेड्डी की 700 करोड़ की शादी काफी चर्चा का विषय रही, पर उसपर कोई जांच क्यों नही बैठी? क्या इसका जवाब भाजपा का कोई नेता दे पाएगा।

राहुल के आरोप हवा में उड़ाए
बसपा कार्यकर्ता आरोपों के साथ राहुल गांधी की भी चर्चा कर रहे हैं। कहा गया है कि राहुल गांधी ने मोदी पर एक गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, पर उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। खुली आंखों से मक्खी निगलवाने की कोशिश कर राहुल के आरोप हवा में उछाल दिये गए। अभी नहीं चेेते तो इसकी भरपाई समूचे देश को करनी पड़ेगी। वैसे भी अभी ही कौन सी कम भरपाई करनी पड़ रही है।

सब यूपी चुनाव के लिए
कहा गया है कि मोदी एंड कंपनी के लिए यूपी का चुनाव अब साख की लड़ाई बन गया है, जिसके लिए मोदी और उनकी टीम पूरी जोर आजमाइश कर रहे हैं, पर परिणाम नगण्य ही सामने आ रहे हैं। इनको बहनजी के मुख्यमंत्री बनने का अहसास हो गया है, तो दूसरा रास्ता चुना गया। इसके बावजूद सरकार तो बसपा की ही बनेगी।

एक के खिलाफ हर हथकंडा
चिट्ठी के अंत में लिखा है कि एक व्यक्ति को गिराने के लिए इतने लोग लगे हैं, चौतरफा वार किए जा रहे हैं, उसके खिलाफ हर एक हथकंडा अपनाया जा रहा है, फिर भी वो अडिग है। दावा किया गया है कि, लोहा जितना ही तपता है, वो उतना ही प्रकाशवान होता चला जाता है। मायावती भी एक मजबूत लौह व्यक्तित्व वाली महिला हैं, जो समय पर्यन्त मजबूत हो रही हैं और उनका तेज बढ़ रहा है।

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