
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल को 9 महीने पूरे हो गए हैं। 25 मार्च को योगी आदित्यनाथ ने सीएम पद की शपथ ली थी। योगी आदित्यनाथ पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद सत्ता में वापसी करने वाले उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने।
हालांकि यूपी में कई ऐसे नेता रहे जो कई बार प्रदेश की बागडोर संभाली लेकिन योगी की तरह लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में नाकाम रहे। 2022 के खत्म होने में अब कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन योगी की 'बुलडोजर बाबा' की छवि लगातार हिट हो रही है।
बुलडोजर बाबा ने गुजरात में किया 23 सीटों पर प्रचार, 18 में मिली जीत
बाबा के बुलडोजर की पॉपुलेरिटी का आलम ये है कि गुजरात चुनाव की हर रैली में योगी ने बुलडोजर का जिक्र किया था। 15 दिनों में योगी ने जिन 23 सीटों पर प्रचार किया था उसमें से 18 सीटों पर कमल खिला है।
चुनाव प्रचार में बुलडोजर की बात योगी ने अब देश के दूसरे राज्यों की बीजेपी सरकारें भी योगी के बुलडोजर फॉर्मूले को अपने यहां लागू कर रही हैं। यूपी, एमपी के बाद अब अन्य राज्यों में भी बुलडोजर फॉर्मूला चल निकला है।
नो FIR, नो अरेस्ट, नो टॉक, फैसला ऑन द स्पॉट। हिन्दी फिल्म क्रांति का ये डायलॉग यूपी सरकार पर बिल्कुल फिट बैठता है। यूपी में अपराधियों को पुलिस की गोली से ज्यादा योगी के बुलडोजर से डर लगता है। जब बाबा का बुलडोजर चलता है तो क्या पेट्रोल पंप, क्या बिल्डिंग, क्या मकान और क्या दुकान। अपराधी का हो या अवैध निर्माण, सब एक झटके में मलबे में बदल जाते हैं।
यूपी को दंगा मुक्त बनाने, पेशेवर दंगाई, गुंडे और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बुलडोजर चलाने का योगी का फॉर्मूला सभी को पसंद आ रहा है।
दंगाइयों पर बुलडोजर वाला ऐक्शन, 9 महीने में नहीं रुका बुलडोजर
यूपी में बाहुबली नेताओं और गैंगस्टरों के खिलाफ योगी सरकार का एक्शन जारी है। पिछले 9 महीनों में में ऐसा कोई सप्ताह नहीं बीता जब माफियाओं के खिलाफ संपत्ति जब्ती की कार्रवाई नहीं हुई हो। एक समय जिनका दबदबा था लेकिन आज वह सभी जेल में हैं। अतीक अहमद, आजम खान, मुख्तार अंसारी जिसमें कुछ कुछ नाम हैं।
डीजीपी मुख्यालय से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 मार्च 2022 तक यूपी के 25 माफिया की 879.96 करोड़ रुपये की संपत्ति को बुलडोजर से या तो ढहा दिया गया या जब्त कर लिया गया. इनके अलावा 8 छोटे माफिया की 42.33 करोड़ रुपये की संपत्ति का जब्तीकरण/ध्वस्तीकरण किया गया।
2022 में योगी सरकार ने कई बड़े फैसले किए। जिससे प्रदेश में योगी की छवि एक कुशल, ईमानदार सीएम के रूप में उभरी है। आइए जानते हैं वो 12 बड़े फैसले...
निवेश के लिए मंत्रियों को विदेश भेजा, इंवेस्टर समिट में 10 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10-12 फरवरी 2023 को लखनऊ में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 से पहले प्रदेश में निवेश लाने के लिए 8 टीमों को अलग-अलग देशों की यात्रा पर भेजा था। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 को लेकर योगी सरकार ने 10 लाख करोड़ का लक्ष्य रखा है। इसमें फूड प्रोसेसिंग, एग्रो डेयरी, पोल्ट्री, एनिमल हसबेंडरी, डिफेंसेट एंड एयरोस्पेस, वेस्ट मैनेजमेंट, पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को लेकर चर्चा होगी।
जानकारी के मुताबिक, यूपी को 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। इसमें अब तक लगभग 150 निवेशकों ने रुचि दिखाई है। यूपी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में ज्यादा से ज्यादा निवेशकों की भागीदारी हो, इसके लिए मंत्रियों के साथ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई थी।
यही वजह है कि 21 आईएएस अफसर 9 से 14 दिसंबर तक विदेश दौरे पर रहे हैं। दुनियाभर के 21 शहरों में आयोजित रोड शो के बाद 16 देशों से 7.12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
यूपी में बिना मान्यता के चल रहे हैं 8500 मदरसे, मुरादाबाद में सबसे अधिक
उत्तर प्रदेश में 8500 ऐसे मदरसे हैं, जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। यूपी मदरसा शिक्षा बोर्ड से मान्यता पाए बिना सबसे ज्यादा मदरसे मुरादाबाद में चल रहे हैं। यह जानकारी हाल ही में प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के आदेश पर प्रशासन की ओर से कराए गए मदरसों के सर्वे की रिपोर्ट में सामने आई है।
योगी सरकार के गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वेक्षण कराने के पीछे मकसद मदरसों की शिक्षा व्यवस्था बेहतर करना है। सर्वे में पता लगाया जाएगा कि मदरसों का वित्त पोषण कहां से हो रहा है। किस जिले में कितने गैर-मान्यता प्राप्त मदरसे हैं. किस मदरसे में कितने बच्चे तालीम हासिल कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, बीजेपी के जीतने का सबसे बड़ा कारण भी यही था
यूपी सरकार का दावा है कि इस निशुल्क राशन योजना से प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि यूपी में 2022 के विधानसभा चुनाव परिणाम और फिर शपथ ग्रहण के अगले ही दिन हुई कैबिनेट की बैठक में इस योजना को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया था।
UP में इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर मिलेगी 1 लाख रुपये की छूट
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक नई पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022 के मुताबिक अगर यूपी में कोई व्यक्ति नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है तो उसे भारी छूट मिलेगी।
इलेक्ट्रिक कार खरीदने के मामले में लोगों को 1 लाख रुपये तक की छूट मिलेगी। सरकार ने इसके लिए प्रदेश में 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में तकरीबन 10 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति का उद्देश्य न केवल राज्य में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली को विकसित करना है, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी एवं संबंधित उपकरणों के मैन्यूफैक्चरिंग के लिए उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक केंद्र भी बनाना है.
अब टीचरों से नहीं कराया जाएगा सर्वे, काम नहीं करने पर कटेगी सैलरी
टीचरों से किसी भी विभाग का हाउस होल्ड सर्वे भी नहीं कराया जाएगा। स्कूलों में टीचरों के गैरहाजिर मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और सैलरी भी कटेगा।
टीचरों को राज्य परियोजना कार्यालय और एससीईआरटी के प्रशिक्षणों में शामिल होना होगा। वहीं अब जिला या फिर विकासखंड स्तर पर बीएसए या खंड शिक्षा अधिकारी किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित नहीं करेंगे। अनाधिकृत प्रशिक्षण आयोजित करने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
एंटी माफिया टास्क फोर्स का गठन, माफियाओं की 2524 करोड़ की संपत्ति जब्त
यूपी में माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है. योगी सरकार अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए एंटी माफिया टास्क फोर्स का गठन किया है।ऐसे में माफियाओं और उनके गैंग के सदस्य, सहयोगियों पर कार्रवाई तेज हो जाएगी.
अब तक माफियाओं की 2524 करोड़ से अधिक की संपत्ति का जब्तीकरण किया जा चुका है. प्रदेश स्तर पर 62 माफियाओं को चिन्हित किया गया है।
जिनमें से 12 माफियाओं, 29 सहयोगी अपराधियों पर दोषसिद्ध हो चुका है. दो अपराधियों को फांसी की सजा दी गई है. जबकि अन्य को उम्रकैद और अर्थदण्ड दिया गया है।
प्रदेश में 197 आरोपियों के विरुद्ध गुण्डा एक्ट, 405 के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, 16 पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) जबकि 70 अपराधियों को जिलाबदर किया गया है। वहीं, प्रदेश में अब तक मुठभेड़ में 9 अपराधियों की मृत्यु हो चुकी है।
यूपी में फ्री टैबलेट स्मार्टफोन योजना, 2 करोड़ युवाओं को मिलेगा इसका फायदा
कोरोना महामारी के कारण पिछले दो साल से युवाओं की पढ़ाई-लिखाई पर बुरा प्रभाव पड़ा। कोराना के कारण स्कूल-कालेज बंद हो गए।युवाओं की शिक्षा में बाधा न आए, इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन एजुकेशन शुरू किया, लेकिन इसमें एक बड़ी बाधा युवाओं का तकनीकी रूप से सक्षम न होना था।
उत्तर प्रदेश में युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने में योगी सरकार जुटी हुई है। योगी सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन देने की योजना प्रारम्भ की। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए दो करोड़ युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन देने का लक्ष्य रखा है।
लाउडस्पीकर पर बड़ा फैसला
देश में मचे लाउडस्पीकर विवाद के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकर की आवाज को परिसर तक ही सीमित करने का आदेश जारी किया गया।
योगी ने इस अभियान में पुलिस को भी लगाया तो तमाम धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाने लगे। प्रदेश में तमाम धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर को हटाए जाने की कारवाई हुई। कार्रवाई को लेकर किसी प्रकार का तनाव नहीं हुआ और इसकी तारीफ पीएम नरेंद्र मोदी भी करते नजर आए।
अवैध स्टैंडों पर कसा गया शिकंजा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अवैध ऑटो स्टैंडों को लेकर अपने दूसरे कार्यकाल के 100 दिनों के भीतर कार्रवाई का आदेश दिया। अवैध स्टैंडों को खत्म कर स्टैंडों को नियमित करने का निर्देश दिया गया है।
स्टैंडों के ठेकों में दागदार को किसी भी स्थिति में शामिल नहीं कराया जाएगा। सीएम योगी ने कहा कि स्टैंड में होने वाले अपराधों को रोकने में इससे मदद मिलेगी। इस आदेश को लागू करने की कार्रवाई चल रही है।
सीनियर अधिकारियों पर कार्रवाई
योगी आदित्यनाथ ने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही संदेश देने की कोशिश की है कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार, लापरवाही और जनहित की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शुरुआत में ही डीएम सोनभद्र और एसएसपी गाजियाबाद के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करके सरकार ने इसका संदेश भी दे दिया।
डीएम औरैया सुनील वर्मा को भी सस्पेंड कर दिया गया। इसके साथ ही पहले महीने में ही दो सौ करोड़ से ज्यादा की अवैध सम्पत्ति ध्वस्त या जब्त की गई है। इसमें 25 माफिया डीजीपी दफ्तर और आठ शासन की ओर से चिन्हित किए गए थे।
Published on:
28 Dec 2022 07:23 pm
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