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Ayushman Bharat Scheme: आयुष्मान भारत योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, एक ही मोबाइल नंबर पर लाखों लोगों का रजिस्ट्रेशन, मरे का हुआ इलाज

Ayushman Bharat Scheme: आयुष्मान भारत योजना में एक बड़ी गड़बडी सामने आई हैं। CAG रिपोर्ट में बताया गया है कि कई गलत नंबरों पर लाखों लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इतना ही नहीं, इस योजना का लाभ ऐसे भी मरीज लाभ उठा रहे हैं, जिन्हें पहले मृत दिखाया गया था।

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लखनऊ

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Anand Shukla

Aug 10, 2023

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आयुष्मान भारत योजना में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।

Ayushman Bharat Scheme: 1 अप्रैल 2018 को केंद्र में मोदी सरकार आयुष्मान योजना स्कीम लेकर आई थी। इस योजना के तहत देश के जरूरतमंद नागरिकों को अस्पतालों में जाकर मुफ्त में अपना इलाज की सुविधा दी जाती है। लेकिन अब योजना में एक फर्जीवाड़ा सामने आया है। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।

दरअसल मंगलवार को पेश की गयी नियंत्रक और महालेखा परीक्षक यानी CAG रिपोर्ट में बताया गया है कि अपात्र परिवार पीएमजेएवाई लाभार्थी के रूप में पंजीकृत पाए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के डेटाबेस में अवैध नामों, अवास्तविक जन्मतिथियों, नकली स्वास्थ्य पहचान पत्रों और अवास्तविक परिवार आकार समेत कई विसंगतियों को उजागर किया है। यहीं नहीं AB- PMJY Scheme के 9 लाख से ज्यादा लाभार्थी तो सिर्फ एक ही मोबाइल नंबर से जुड़े हुए पाए गए हैं।

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7.87 करोड़ लाभार्थियों का पाया गया रजिस्ट्रेशन
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि सीएजी की रिपोर्ट में कुल 7.87 करोड़ लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन पाया गया, जो 10.74 करोड़ (नवंबर 2022) के लक्षित परिवारों का 73% है। इसके बाद सरकार ने इसका दायरा बढ़ाकर 12 करोड़ कर दिया था।

स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि सत्यापन प्रक्रिया में मोबाइल नंबर की कोई भूमिका नहीं है। इससे कोई भी बिना आईडी कार्ड के रजिस्ट्रेशन डेस्क से संपर्क कर सकता है। अगर मोबाइल नंबर ही गलत हो तो ई- कार्ड खो जाने की स्थिति में लाभार्थी की पहचान करना मुश्किल हो सकता है। यानी इसके बाद लाभार्थी को योजना का लाभ मिलना लगभग नामुमकिन सा हो जाएगा। अस्पताल उन्हें सुविधा देने से इनकार कर देंगे और लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

एक ही नंबर पर पंजीकृत कई लाभार्थियों के नाम
कैग रिपोर्ट में कहा गया है कि बीआईएस डेटाबेस के विश्लेषण के बाद पता लगा कि हजारों लोगों का नाम एक ही नंबर पर रजिस्टर है, वहीं ज्यादातर नंबर अपने मन से डाल दिए गए हैं, यानी उन नंबर का कोई सिम कार्ड ही नहीं है। इस स्वास्थ्य बीमा योजना में 9999999999 मोबाइल नंबर पर 7.49 लाख लोग बतौर लाभार्थी पंजीकृत हैं।

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