
उत्तराखंड के हिल स्टेशनों में बाहरी राज्यों के लोगों ने आलीशान कोठियां खड़ी कर दी हैं
Action Against Land Mafia:गैर कानूनी तरीके से जमीनें खरीदकर उत्तराखंड में रिजॉर्ट,होटल और आलीशान कोठियां बनाने के मामले में शासन और प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में बाहरी राज्य के लोगों द्वारा खरीदी गई जमीनों की जांच रिपोर्ट चौंका रही है। भूमि खरीद के मामलों में नियमों के उल्लंघन पर नैनीताल प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। नैनीताल जिले में भू-कानून उल्लंघन के 64 मामले सामने आए हैं। इन सभी मामलों में प्रशासन ने एसडीएम कोर्ट में वाद दायर कर संबंधित खरीदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इनमें से अधिकांश मामले नैनीताल, रामनगर, भीमताल, भवाली, रामगढ़, धानाचूली और मुक्तेश्वर क्षेत्र के हैं। जल्द ही सभी लोगों की जमीनों को जब्त कर राज्य सरकार में निहित कर दिया जाएगा। प्रशासन की इस सख्ती से भू-माफिया में खलबली मची हुई है।
जांच में कहीं कृषि भूमि पर व्यावसायिक गतिविधि मिली वहीं कहीं व्यावसायिक उपयोग के लिए खरीदी जमीन बंजर पाई गई। कई हेक्टेयर जमीन खरीदकर उसका गलत उपयोग करने के मामले भी सामने आए। कई स्थानों पर कृषि भूमि खरीदकर उस पर रिजॉर्ट तक तैयार कर दिए गए हैं। कुछ जगहों पर फ्लैट तैयार कर उन्हें बेचे जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। जांच में पता चला कि जिन लोगों ने भू-कानून का उल्लघंन किया है वे उत्तराखंड राज्य से बाहर के हैं। खरीदारों में अधिकतर दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन मामलों में खरीदारों के जवाब संतुष्टिपूर्ण नहीं पाए गए तो जमीनों को सरकार के अधीन कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड के भू-कानून के अनुसार बाहरी राज्य के लोग यहां अधिकतम 250 वर्ग मीटर जमीन ही खरीद सकते हैं। इससे अधिक भूमि खरीदने के लिए उन्हें डीएम या फिर शासन से अनुमति लेनी पड़ती है। यहां के हिल स्टेशनों में बाहरी राज्यों के लोग धड़ल्ले से जमीनें खरीदकर होटल-रिजॉर्ट खड़े कर भू-कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं। इस मामले में सरकार ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए राज्य गठन के बाद से अब तक बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा खरीदी गई जमीनों की जांच के आदेश दिए थे।
Published on:
15 Nov 2024 09:05 am
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