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लेडी सिंघम के नाम से मशहूर IPS Manjil Saini के खिलाफ होगी कार्रवाई, CBI कर रही है जांच, जानें क्या है मामला…

सैनी(IPS Manjil Saini) वर्ष 2005 बैच की आईपीएस(IPS) अधिकारी हैं व 18 मई 2016 से 17 मई 2017 तक लखनऊ के एसएसपी(Lucknow SSP) रही थीं। वर्तमान में मंजिल सैनी(IPS Manjil Saini) केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में डीआईजी पद पर तैनात हैं। ‌

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लखनऊ

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Prashant Mishra

Apr 19, 2022

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IPS Manjil Saini राजधानी लखनऊ की पूर्व एसएसपी(SSP) व लेडी सिंघम के नाम से मशहूर मंजिल सैनी(IPS Manjil Saini) की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। श्रवण साहू हत्याकांड(Shravan Sahu murder case) की जांच कर रही सीबीआई(CBI) ने उन्हें लापरवाही का दोषी माना है और राज्य सरकार से कार्रवाई करने की सिफारिश की है।

सैनी(IPS Manjil Saini) वर्ष 2005 बैच की आईपीएस(IPS) अधिकारी हैं व 18 मई 2016 से 17 मई 2017 तक लखनऊ के एसएसपी(Lucknow SSP) रही थीं। वर्तमान में मंजिल सैनी(IPS Manjil Saini) केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में डीआईजी पद पर तैनात हैं। ‌

2017 में हुई थी हत्या

लखनऊ के सहादतगंज थाना क्षेत्र निवासी श्रवण साहू की हत्या 1 फरवरी 2017 को उनके घर के सामने गोली मारकर कर दी गई थी। वह अपने बेटे के हत्यारों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा लड़ रहे थे। श्रवण के बेटे आयुष साहू की हत्या 2016 में कर दी गई थी। बेटी की हत्या के श्रवण एकलौते गवाह थे। आयुष की हत्या में पुलिस कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी। श्रवण को लगातार धमकियां मिल रही थी जिसके चलते उन्होंने लखनऊ की तात्कालिक एसएसपी मंजिल सैनी से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई ओर बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी। बाद में राज्य सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था। वहीं, अब सीबीआई ने जांच करते हुए मंजिल सैनी को श्रवण साहू हत्याकांड में लापरवाही का दोषी पाया है। जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार से मंजिल सैनी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।

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श्रवण साहू हत्याकांड

सहादतगंज के दालमंडी इलाके में 1 फरवरी 2017 की शाम करीब 7:00 बजे बाइक सवार बदमाशों ने तेल कारोबारी श्रवण साहू की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। श्रवण साहू को हत्या के कुछ दिन पहले शातिर अपराधी व पुलिस के मुखबिर अखिल ने क्राइम ब्रांच के दरोगा व पुलिस कर्मियों से मिलकर फर्जी मामले में जेल भेजने की साजिश रची थी। कारोबारी श्रवण की हत्या से करीब 4 साल पहले उनके बेटे आयुष साहू की 16 अक्टूबर 2013 में कैंपवेल रोड पर बियर शॉप पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अकील व उसके साथियों का नाम आया था और गिरफ्तारी भी हुई थी। श्रवण साहू को फर्जी मुकदमें में फंसाने और उनकी हत्या के मामले में कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी हुई थी।

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