
बाराबंकी. मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले की जांच बाराबंकी तक पहुंच गई है। सीबीआई टीम ने गुरुवार को व्यापम मामले में हैदरगढ़ तहसील से डॉक्टर वीरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। रायबरेली में तैनात डॉक्टर वीरेंद्र सिंह को सीबीआई की टीम ने उन्हें एक सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि डॉक्टर वीरेंद्र सिंह धोखाधड़ी समेत कई मामलों में वांटेट है। आरोपी डॉक्टर वीरेंद्र सिंह के खिलाफ अपर सत्र न्यायाधी द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
सीबीआई टीम के उपनिरीक्षक ने बाराबंकी जिला न्यायालय के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र देकर ट्रांजिट रिमांड की मांग की। अदालत ने सीबीआई टीम को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड देकर शनिवार शाम पांच बजे तक अपर सत्र न्यायाधीश भोपाल की अदालत में पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलन के बाद सीबीआई टीम भोपाल के लिये रवाना हो गई। आरोपी डॉक्टर रायबरेली जिले के गुरुबख्श गंज सीएचसी में तैनात है। आरोपी डॉक्टर की पत्नी हैदरगढ़ तहसील में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं।
अपनी पत्नी के सरकारी आवास से गिरफ्तार हुआ आरोपी डॉक्टर
डॉ. वीरेंद्र अपनी पत्नी के तहसील स्थित सरकारी आवास पर रुका था। सीबीआई की टीम ने आरोपी को हैदरगढ़ तहसील में उसकी पत्नी के सरकार आवास से गिरफ्तार किया है।
सीबीआई टीम भोपाल के लिए रवाना
आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई ने उसे ट्रांजिट रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया। बाराबंकी जिला न्यायालय के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद सीबीआई टीम आरोपी को लेकर भोपाल रवाना हो गई।
क्या है व्यापम घोटाला
व्यापम घोटाला मध्य प्रदेश से जुड़ा प्रवेश एवं भर्ती घोटाला है। इन प्रवेश परीक्षाओं में और नौकरियों में अपात्र परीक्षार्थियों और उम्मीदवारों को बिचौलियों, उच्च पदस्थ अधिकारियों एवं राजनेताओं की मिलीभगत से रिश्वत के लेनदेन और भ्रष्टाचार के माध्यम से प्रवेश दिया गया और बड़े पैमाने पर अयोग्य लोगों की भर्तियां की गईं। मामले की जांच सीबीआई टीम कर रही है।
Published on:
13 Jan 2018 12:58 pm

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