
Central Government stopped salary of madarsa shikshak in UP
अनिल के. अंकुर
लखनऊ। केन्द्र सरकार ने मदरसों के अध्यापकों का वेतन रोक दिया है। वेतन न मिलने से वहां के अध्यापकों के सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अब वे आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेष में ऐसे 16 हजार मदरसे हैं और हर मदरसे में करीब तीन से पांच षिक्षक हैं। स्थाई षिक्षकों की संख्या सात हजार के करीब है। राज्य सरकार ने यहां की स्थिति से केन्द्र सरकार को अवगत करा दिया है।
यूपी ही नहीं दूसरे राज्यों में भी संकट
मदरसा शिक्षक संघ के नेता हनीफ खंा ने बताया कि ऐसा केवल उत्तर प्रदेष में नहीं है। बल्कि पूरे देष के मदरसों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने बताया कि 16 राज्यों में इन शिक्षकों को केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाला वेतन नहीं मिल रहा है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, और झारखंड समेत देश के 16 राज्यों के लगभग 50,000 से अधिक मदरसा शिक्षकों को पिछले दो सालों से केंद्र सरकार की तरफ से वेतन नहीं मिला है जिसके कारण बहुत से शिक्षक अपना पद छोडऩे के लिए मजबूर हैं। संघ का आरोप है कि सरकार अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय कर रही है।
मदरसों को और बेहतर बनाने के लिए बनी थी योजना
मदरसों की स्थिति सुधारने के लिए केन्द्र सरकार ने राज्यों से पहले रिपोर्ट मांगी। फिर इस योजना की शुरुआत मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा 2008-09 में मदरसों में पढऩे वाले बच्चों को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। इसके तहत मदरसा शिक्षकों को उनके वेतन का एक बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार की तरफ से मिलना था।
मदरसे के षिक्षकों को कितना मिलता है वेतन
यह भी बड़े आष्चर्य की बात है कि मंहंगाई के इस दौर में मदरसों के षिक्षकों का वेतन इतना कम है। स्नातक शिक्षकों को केंद्र सरकार की ओर से 6,000 रुपये प्रति माह और परास्नातक शिक्षकों को 12,000 रुपये प्रति माह दिए जाने थे जो कि उनके वेतन का क्रमश: 75 और 80 प्रतिशत है. वेतन का बाकी हिस्सा राज्य सरकारें देती हैं। पर केन्द्र सरकार से उनका वेतन का अंष जारी ही नहीं हो रहा है। राज्य सरकार दूसरे मदों से उनका वेतन दे कर भरपाई कर रही हैं।
यूपी को दो साल से नहीं मिली मदद
मदरसा शिक्षक संघ के नेता हनीफ खां ने कहा कि 16,000 मदरसों में लगभग 25,000 शिक्षक पढ़ाते हैं। 16 राज्यों में शिक्षकों को दो साल से केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाली राशि नहीं मिली है। कुछ राज्यों में तो शिक्षकों ने तीन साल से वेतन नहीं प्राप्त किया है।
मदरसों के शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा
अल्प संख्यक आयोग के सदस्य हरजीत सिंह का कहना है कि इन दिनों आयोग के अध्यक्ष की मृत्यु के बाद नए अध्यक्ष का चयन होना है। इसलिए इसमें विलम्ब हो रहा है। यह गंभीर मामला है। उन्होंने राज्य सरकार और केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि मदरसा शिक्षकों को तत्काल वेतन भुगतान की व्यवस्था करें।
Published on:
13 Jun 2019 01:03 pm
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