लखनऊ

राहुल को तो मात दे दिया अब अमेठी का कायाकल्प करने में ऐसे जुटी हैं स्मृति ईरानी

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी का इतिहास बदलना चाहती हैं।

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Sep 12, 2019
राहुल को तो मात दे दिया अब अमेठी का कायाकल्प करने में ऐसे जुटी हैं स्मृति ईरानी

पत्रिका इन्डेप्थ स्टोरी
अमेठी. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी का इतिहास बदलना चाहती हैं। जिस हिसाब से अमेठी के विकास कार्यों में स्मृति ईरानी दिलचस्पी ले रहीं हैं उससे लगता है वह पांच साल के भीतर अमेठी की तस्वीर बदल देंगी। लगभग हर महीने वह अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा कर रही हैं। हर दौरे में वह नए अंदाज में दिखती हैं। गौरीगंज में स्मृति ईरानी का अस्थायी आवास है। जब भी वह अमेठी आती हैं वहीं रुकती हैं। उनके आवास पर सुबह-सुबह ही भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। वहीं वह लोगों की समस्याओं को सुनती हैं और लगे हाथ निराकरण भी करवाती हैं। अमेठी के पूर्व सांसद राहुल गांधी के उलट स्मृति ईरानी छोटी-छोटी समस्याओं को निपटाने में दिलचस्पी दिखाती हैं। केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों और किसानों को मिले इसका वह पूरा ध्यान रखती हैं। फसल बीमा, दुकानदार बीमा, किसान पेंशन, विधवा पेंशन जैसे मसले उनकी समस्याओं के केंद्रबिंदु में रहते हैं। यह ऐसी समस्याएं हैं जिनका लाभ आसानी से दिलवा जा सकता है। समस्याओं का निराकरण होने पर आम जनता अपने सांसद से सीधे जुड़ती है।


दस धार्मिक स्थल विकसित होंगे
दो दिन से स्मृति ईरानी अमेठी के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस बीच उन्होंने क्षेत्र के 10 धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। खास बात यह है कि इन धार्मिक स्थलों को विकसित करने के लिए किसी अतिरिक्त बजट की जरूरत नहीं होगी। इन्हें भारत सरकार की ओर से संचालित स्वदेश दर्शन योजना के तहत विकसित किया जाएगा। जिन स्थलों को पर्यटक स्थल बनाया जाएगा उनमें अमेठी शहर के सगरा तालाब, लोदी बाबा मंदिर, नंदमहर धाम, जायसी स्मारक, सतगुरु सिंह हरगोविंद धाम, हनुमान गढ़ी मंदिर, कालिकन धाम, दुर्गन भवानी मंदिर, अहोरवा भवानी मंदिर तथा रायबरेली में स्थित पासी किला शामिल है। 15 दिन में इन पर काम शुरू हो जाएगा। इस तरह कम से 15 क्षेत्रों की जनता को खुश करने का काम केंद्र के पैसे से ही हो गया।


रेल सुविधाओं का विस्तार
स्मृति ईरानी अमेठी और रायबरेली की जनता को भावनात्मक रूप से जोडऩा चाहती हैं। इसलिए उनकी प्राथमिकताओं में दोनों जिलों के बीच रेल दोहरीकरण और ऊंचाहार से अमेठी तक नई रेल लाइन की शुरुवात करनी है। इन परियोजनाओं पर करीब 550 करोड़ की लागत आएगी। इस कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण किए जाने से किसानों को अच्छा मुआवजा मिलेगा।


हर ब्लॉक में अग्निशमन केंद्र
आम चुनावों के समय स्मृति ईरानी की एक फोटो खूब वायरल हुई थी। इसमें वह खलिहान में आग लगने पर हैंडपंप से पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं। ईरानी को मालूम है कि हर साल किसान इस समस्या से रूबरू होते हैं। इसलिए उन्होंने अमेठी जिले के सभी ब्लॉकों में फायर स्टेशन स्थापित करने के साथ ही इस विभाग को अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रही हैं। इस योजना के पूरा होने के बाद अमेठी ऐसा पहला जिला होगा जहां हर ब्लॉक में अग्रिशमन केंद्र होगा।


आधुनिक रेलवे स्टेशन
अमेठी की तस्वीर देश में विकसित संसदीय क्षेत्र के रूप में पेश हो इसके लिए स्मृति ईरानी ने अमेठी और गौरीगंज के रेलवे स्टेशन को मथुरा-काशी मॉडल पर बनाने की घोषणा की है। गौरीगंज रेलवे स्टेशन के नए भवन का कार्य प्रारंभ हुआ है। भवन बनने के बाद पूरे परिसर की दीवारों पर जिले के धार्मिक स्थलों का चित्रांकन करने के साथ ही उनकी दूरी भी लिखी जाएगी। स्टेशन के बाहर भव्य गेट बनेगा। इसी तरह अमेठी रेलवे स्टेशन को सुसज्जित करने के साथ ही यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाएगी। जायस रेलवे स्टेशन को मल्टीलेवल हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे यहां के लोगों को सब्जी, फल व फूल का व्यवसाय करने में सहूलियत मिले। गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर 600 मीटर लंबा साइडिंग प्लेटफॉर्म बनेगा। इससे लोगों को रेलवे से सामग्री भेजने में सहूलियत होगी।

Published on:
12 Sept 2019 02:55 pm
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