13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुनिश्री ससंघ सहित की चार्तुमास की स्थापना

‘‘ चलो एक बार चलो गुरु के पास चलो’’

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Jul 14, 2019

chaturmas kalash sthapna

मुनिश्री ससंघ सहित की चार्तुमास की स्थापना

लखनऊ। चारबाग जैन मन्दिर में तीन मुनिराजों ने चार महीने एक स्थान पर रहकर साधना करने व धर्म का प्रचार करने के उदेश्य से मुनिश्री 108 विशोक सागर महाराज, मुनिश्री 108 विश्व विजय सागर और मुनिश्री 108 सुरत्न सागर महाराज के सानिध्य में चतुर्मास कलश स्थापना सम्पनन हुई। गणाचार्य श्री 108 विराग सागर वर्षायोग समिति के मुख्य संयोजक संजीव जैन की अगुवाई में कार्यक्रम की शुरुआत प्राची जैन के मंगलाचरण से हुई। उसके बाद मुनिश्री के गुरु गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज चित्र का अनावरण व दीप प्रज्वलन का कार्यक्रगेम हुआ। इसी क्रम में पाद मुनिराज के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य प्रदीप जैन परिवार को प्राप्त हुआ।

भक्ति के साथ अर्घ चढ़ाया

कार्यक्रम में आशियाना, चैक, यहियागंज, सआदतगंज, डालीगंज, इंदिरा नगर, चारबाग से हाय आए भक्तों ने भक्तों ने भक्ति करते हुए अक्षत चढ़ाएं और मुनिराज से आशीर्वाद लिया। उस दौरान भोपाल से आए संगीतकार संजय ने एक भजन ‘‘दीवाना गुरुवर का सुनाया’’ तो लोग झूम उठे। इसके बाद उन्होंने एक और भजन ‘‘जब से गुरु दर्श मिला मन मेरा खिला-खिला मेरी तो पतंग उड़ गई’’ ‘‘ चलो एक बार चलो गुरु के पास चलो’’ सुनाया। बाद में प्राची जैन, सम्भवी जैन, यशी जैन, चहक जैन, ने भक्ति गीतों पर नृत्य किया।

तीन कलश की लगी बोली

प्रथम कलश अखिलेश कुमार आशीष कुमार जैन आशियाना द्वितीय कलश डॉ0 एके जैन, तृतीय कलश सुरेंद्र कुमार जैन वीआईपी कॉपी वाले राजेंद्र नगर ने बोली के द्वारा 17वां भव्य पावन वर्षायोग का मंगल कलश प्राप्त किया। गणाचार्य श्री 108 विराग सागर वर्षायोग समिति के मुख्य संयोजक संजीव जैन ने बताया कि 17वां भव्य पावन वर्षायोग के क्रम में 16 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम सें मनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि 18 अक्टूबर तक विविध अनुष्ठान होंगे।

इस मौके पर अजय जैन कागजी, पीयूष जैन, आनन्द जैन, संजय जैन, आदेश जैन, अंकित जैन, प्रवेश जैन, विजय जैन घी वाले, विकास जैन, राजीव जैन, बंटी जैन, विनय जैन, अभिषेक जैन मौजूद रहे।