
तापमान में गिरावट से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीतलहर और पाले का खतरा, मौसम विभाग ने किया अलर्ट (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Cold Wave Alert in Western UP: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बाद प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदला है। हवाओं की दिशा में आए बदलाव के कारण बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात के तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसके परिणामस्वरूप पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीतलहर जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में पाले की भी आशंका जताई जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के समाप्त होने के बाद हवाओं की दिशा पुनः उत्तर-पश्चिमी हो गई है। पहाड़ों से आने वाली ठंडी और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, जिससे रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आगामी 48 घंटों के दौरान मौसम में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद तथा रूहेलखण्ड मंडल के कई जिलों में आज और कल की रात शीतलहर चलने के साथ-साथ पाला पड़ने की भी संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब न्यूनतम तापमान बहुत नीचे चला जाता है और हवा की गति धीमी होती है, तब पाले की स्थिति बनती है। यह स्थिति फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती है, खासकर आलू, सरसों, मटर और सब्जी उत्पादकों के लिए।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पाले से बचाव के लिए खेतों में हल्की सिंचाई करने, धुआं करने और फसलों को ढकने जैसे उपाय अपनाने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो रबी की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पहले से ही आलू और सब्जी की फसलें संवेदनशील अवस्था में हैं। ऐसे में शीतलहर और पाले का असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने बताया कि इस दौरान उत्तर प्रदेश के उत्तरी तराई इलाकों में कहीं-कहीं सुबह के समय घने कोहरे की संभावना बनी रहेगी। खासकर लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर जैसे जिलों में भोर के समय दृश्यता काफी कम रह सकती है। वहीं, प्रदेश के दक्षिणी भागों में हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बन सकती है, जो दिन चढ़ने के साथ तेजी से छंट जाएगा। कोहरा छंटने के बाद धूप निकलने से दिन के समय ठंड से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
घने कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। सुबह के समय हाईवे पर वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कोहरे के चलते दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। रेलवे प्रशासन भी ट्रेनों की आवाजाही पर नजर बनाए हुए है।
मौसम विभाग के अनुसार, 48 घंटे के बाद तापमान में क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है। जैसे-जैसे हवाओं की दिशा में बदलाव आएगा और सूर्य की तीव्रता बढ़ेगी, वैसे-वैसे शीतलहर और पाले का प्रभाव धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा। इसके बाद प्रदेशवासियों को ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी का महीना अभी बाकी है और इस दौरान मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
इसलिए लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त गर्म भोजन लेने की सलाह दी गई है।
Published on:
13 Jan 2026 02:20 am
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