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योगी आदित्यनाथ कैसे बने सन्यासी…जानिए, क्यों नहीं की शादी

योगी आदित्यनाथ कैसे बने सन्यासी...जानिए, क्यों नहीं की शादी

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लखनऊ

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Ruchi Sharma

Jun 05, 2018

Yogi Adityanath

योगी आदित्यनाथ कैसे बने सन्यासी...जानिए, क्यों नहीं की शादी

लखनऊ. देवभूमि उत्तराखंड में जन्में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपना 46वां जन्मदिन मना रहे हैं। यूपी के मुखिया और गोरक्ष पीठ के मुख्य महंत योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल के पंचूर गांव में हुआ था। योगी आदित्यनाथ को हिन्दुत्व के फायरब्रांड चेहरे के रूप में जाना जाता है। भाजपा के कद्दावर नेता और कट्टर छवि वाले योगी आदित्यनाथ यूपी के तीसरे सबसे युवा सीएम हैं। सौम्य स्वभाव वाले आदित्यनाथ ने अभी तक शादी नहीं की है। एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में उन्होंने इस राज से पर्दा उठाया था कि उन्होंने आज तक शादी क्यों नहीं की। एक टीवी शो में उनसे सवाल पूछा गया कि क्या मन में ये खयाल कभी नहीं आया कि शादी करके घर बसा लूं। इस पर सीएम योगी ने जवाब दिया था कि मैं खुशनसीब हूं कि मैंने शादी नहीं की, क्योंकि जिन लोगों ने शादी की है मैं उन लोगों की हालत देख रहा हूं।

22 की उम्र में छोड़ा था घर

गढ़वाल विश्वविद्यालय से उन्होंने ग्रैजुएशन की। 22 साल की उम्र में उन्होंने परिवार छोड़ दिया और गोरखपुर चले आए। यहां उन्होंने सन्यास ले लिया और तब उन्हें नया नाम मिला- योगी आदित्यनाथ। गोरखधाम पीठ के महंत अवैद्यनाथ ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। सितंबर 2014 में महंत अवैद्यनाथ की मृत्यु के बाद योगी को महंत घोषित किया गया। माना जाता है कि योगी पूर्वी यूपी में अच्छा प्रभाव रखते हैं।

योगी अादित्यनाथ सबसे कम उम्र बने सांसद

1998 में गोरखपुर से 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे तो वह सबसे कम उम्र के सांसद थे, उस वक्त उनकी उम्र महज 26 साल की थी। हिंदू युवा वाहिनी का गठन करने वाले योगी ने धर्म परिवर्तन के खिलाफ मुहिम छेड़ दिया था। वो कई बार विवादित बयान देने के मामले में चर्चा में आ चुके है। 2007 में गोरखपुर में दंगे हुए तो योगी आदित्यनाथ को मुख्य आरोपी बनाया गया, गिरफ्तारी हुई और इस पर कोहराम भी मचा। योगी के खिलाफ कई अपराधिक मुकदमें बी दर्ज हुए।

नई कारों का रखते हैं शौक

अपने एक इंटरव्यू में सीएम योगी ने अपनी पंसद का जिक्र करते हुए कहा था कि उनको कार का बड़ा शौक है। नई- नई कार देख वे काफी प्रभावित होते हैं। 2004 में योगी के पास एक क्वालिस, एक टाटा सफारी और एक मारुति एस्टीम कार थी। 2009 में उन्होंने अपनी कारें बदलीं। उन्होंने एस्टीम और क्वालिस को हटाकर अपने गैरेज में एक नई सफारी और एक फोर्ड आइकॉन को शुमार किया।