
Yogi government high level meeting
UP Monsoon Session: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय बैठक में विद्युत आपूर्ति, खाद आपूर्ति, नहरों में पानी और निराश्रित गोवंश को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उमस भरी गर्मी और खेती-किसानी के मौसम में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति की जाए। कहीं भी अनावश्यक कटौती न हो।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि टोल फ्री नंबर 1912 को एक्टिव रखा जाए और उपभोक्ता की आने वाली कॉल पर प्रतिक्रिया दी जाए। ऊर्जा विभाग के मंत्री को हर डिस्कॉम की हर दिन की स्थिति का पूरा विवरण रखना चाहिए और मांग और आपूर्ति पर स्वयं नजर रखनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने भूमिगत बिजली केबल डालने से पहले स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक कर रणनीति तय करने का भी निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फीडर के अनुसार विभाग से जुड़े कर्मियों को इंचार्ज बनाएं और उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में आवश्यक हेतु विद्युत कटौती करनी पड़ रही है, वहां दिन में अतिरिक्त विद्युत की आपूर्ति की जाए। कृषि फीडर को रोस्टर के अनुसार 12 घंटे विद्युत की आपूर्ति अवश्य होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पुराने विद्युत प्लांट के क्षमता विस्तार और नए विद्युत प्लांट की स्थापना के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। घरेलू और औद्योगिक क्षेत्र में दिन के समय विद्युत कटौती न हो इसका विशेष ध्यान रखें। बिजली चोरी के मामलों में अंकुश लगाने और बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बारिश हो या न हो, लेकिन हर खेत को पानी मिलना चाहिए। जिन जनपदों में राजकीय नलकूप खराब हैं, उनकी जल्द मरम्मत कराई जाए। नहरों में 80 प्रतिशत से ऊपर टेल फीड हो चुकी है, अवशेष जिलों में भी बेहतर व्यवस्था बनाई जाए। जलाशयों में नहरों के माध्यम से पानी पहुंचाने और जलाशयों की डिसिल्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। प्रत्येक किसान को उसकी जरूरत के अनुसार समय से खाद प्राप्त हो, यह सुनिश्चित किया जाए। खाद की कालाबाजारी और तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवंश संरक्षण के लिए प्रदेश में वृहद संरक्षण केंद्र बनाए गए हैं। निराश्रित गोवंश का संरक्षण केंद्रों में चारे-भूसे का आवश्यक प्रबंध किया जाए। गोबरधन योजना को पीपीपी मोड पर प्रदेश के अन्य जनपदों में आगे बढ़ाने और निराश्रित गोवंश के लिए मुंह पका, खुरपका और गलघोटू से संबंधित टीकाकरण अभियान चलाने के निर्देश दिए।
Updated on:
01 Aug 2024 12:21 am
Published on:
01 Aug 2024 12:21 am
