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उन्नाव। 48 घंटे के अंदर मिलने वाली राशि एक महीने में भी नहीं मिल पाई। विकासखंड में स्वच्छता कार्यक्रम के अंतर्गत बनने वाले शौचालय की मॉनिटरिंग नियमानुसार ढंग से नहीं हो पा रही है। एसी मनरेगा द्वारा दी गई सूचनाएं काफी भ्रामक है। इसके लिए भी इन्हें चेतावनी दी गई है। जननी सुरक्षा के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि अप्रैल महीने में किसी को भी नहीं दी गई है। अपर मुख्य सचिव राजस्व जिला नोडल अधिकारी चंचल तिवारी पुरवा में उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि लाभार्थियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके पूर्व, नोडल अधिकारी चंचल तिवारी ने पुरवा कोतवाली में मिलेगा गार्ड ऑफ ऑनर के बाद निरीक्षण किया।
कोतवाली के अभिलेखों और नक्शे के विषय में जानकारी प्राप्त की। रखरखाव और माल खाने की गुणवत्ता को देखने के बाद नोडल अधिकारी विकासखंड मुख्यालय पहुंचे। यहां पर शिलापट में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पिता का नाम ना लिखे होने के कारण उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और इसे सही कराने को कहा है।
सूखा तालाब देख भड़के नोडल अधिकारी
विकासखंड परिसर में मौजूद सूखे तालाब को देखकर नोडल अधिकारी ने पूछा कि क्या कभी इस तालाब को भरवाया जाता है? जिस पर मौके पर मौजूद अधिकारी कर्मचारी बंगले झांकने लगे। इसके साथ ही यहां उन्हें कई खामियां मिली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। यहां से उनका काफिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरवा की तरफ मुड़ा। जहां उन्होंने प्रसव कक्ष का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने आंखों के ऑपरेशन कक्ष का भी निरीक्षण किया। चंचल तिवारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का सघन निरीक्षण किया और के ऊपर उन्होंने वाहनों में जाकर मरीजों से बातचीत की और महिला जननी सुरक्षा के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि ना मिलने की शिकायत सुनने को मिली। उन्होंने पूछा कि जो चेक 48 घंटे के अंदर मिल जानी चाहिए। वह अभी तक क्यों नहीं मिली। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाइए।
102 का ड्राइवर न मिलने से कार्रवाई के दिए निर्देश
इसके साथ ही उन्होंने 102 और 108 एंबुलेंस का भी निरीक्षण किया। 102 के ड्राइवर ना मिलने पर उन्होंने उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस मौके पर नोडल अधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र में मिलने वाली वैक्सीन की उपलब्धता के विषय में जानकारी प्राप्त की वही उनके रखरखाव के संबंध में भी पूछताछ की। तहसील भवन पहुंचकर वहां के प्रत्येक टेबल का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत की। निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी टी.के. सिबू, मुख्य चिकित्साधिकारी एस. पी. चौधरी, उप जिलाधिकारी उदय भान सिंह, तहसीलदार लालधर यादव, नायब तहसीलदार, जिला पूर्ति स्पेक्टर क्षेत्राधिकारी पुरवा सहित अन्य लोग मौजूद थे।
Published on:
21 Apr 2018 07:17 pm

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