
Ling Jaanch
लखनऊ. भारत में चाइनीज आइटम की खरीद फरोख्त पर पहले से ही प्रतिबंध लगाया जा रहा था, लेकिन किसी न किसी रूप में ये अपना बाजार भारत में बनाता जा रहा है। अब इसी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। चाइना की एक किट को उस चीज के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है जो की कानून की नजर में एक बड़ा अपराध है। दरअसल देश में लिंग-जांच करना या सरल शब्दों में कहें तो ये पता करना कि मां के गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की है, कानूनन अपराध है। लेकिन चौकाने वाले खुलासे में ये सामने आया है कि चीन की प्रतिबंधित किट से भारत में लिंग-जांच जैसे अपराध को अंजाम दिया जा रह है।
पहले लिंग-जांच की जांच छिपते-छिपाते सिर्फ अल्ट्रासाउंड या खून की जांच के जरिए की जाती थी, लेकिन चाइना की लिग जांच करने वाली किट ने भी इसमें अपना योगदान देना शुरू कर दिया है। दबे पांव चीन की लिंग-जांच किट का कारोबार भारत में फैलता जा रहा है। वहीं हरियाणा में इसकी खपत सबसे ज्यादा हो रही है। साथ ही दूसरे राज्यों में भी कई जगहों से ये किट पकड़ी गई है।
यूपी के ड्रग कंट्रोलर एके जैन ने एक बयान में बताया है कि अभी उत्तर प्रदेश में इस तरह की किट की खरीद-फरोख्त संबंधी कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। लेकिन ये मामला बेहद गंभीर है। गर्भास्थ के लिंग-जांच करना एक कानून अपराध है।
लिंग-जांच से भ्रूण हत्या को मिलता है प्रोत्साहन-
लिंग-जांच को कानूूनन अपराध इसलिए माना गया है क्योंकि अक्सर ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें बच्चे (अधिकतर लड़कियों को) को मां के गर्भ में ही मार दिया जाता है। इसे भ्रूण हत्या कहा जाता है। यह भी एक जघन्य अपराध है। भारत में चाइना की इस तरह की किट मिलना एक गंभीर मुद्दा है। इसकी धरपकड़ को लेकर अफसरों को यूपी में अलर्ट हो जाना चाहिए, ताकि कोख में लड़कियों की हत्या को प्रभावी तरीके से रोका जा सके।
हरियाणा में आए सबसे ज्यादा मामले सामने-
लिंग-जांच करने वाली चीनी किट का बाजार सबसे ज्यादा हरियाणा में देखने को मिल रहा हैं। अप्रैल 2017 में हरियाणा और मुंबई समेत दूसरे राज्यों में चीनी किट से गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग-जांच करने के मामले सामने आ रहे हैं। अकेले हरियाणा में गर्भस्थ का लिंग-जांच करने के 80 मामले प्रकाश में अब तक आ चुके हैं। इसके चलते 10 से ज्यादा लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो चुकी हैं। इंडियन फेडरेशन ऑफ अल्ट्रासाउंड इन मेडिसिन एंड बायोलॉजी (आईएफयूएमबी) के सदस्य डॉ. अतुल कुमार अग्रवाल ने एक इंटरव्यू में कहा है कि चीन से आयतित किट से न सिर्फ लिंग-जांच निर्धारण हो रहा है बल्कि गर्भ का चिकित्सीय समापन भी हो रहा है। उन्होंने बताया कि गर्भस्थ के खून के नमूने से उसके लिंग-जांच का पता लगाया जा रहा है। खून की दो बूंद किट पर रखी जाती है। नतीजा सामने आ जाता है।
Updated on:
02 Nov 2017 02:37 pm
Published on:
02 Nov 2017 02:33 pm
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