25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीएम पुष्कर सिंह धामी पहुंचे हरिद्वार, कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर की बैठक, 22 जुलाई से शुरू हो रही है यात्रा

22 जुलाई से कावंड़ यात्रा शुरू हो रही है। इससे पहले शुक्रवार को सीएम धामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने हरिद्वार पहुंचे।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Anand Shukla

Jul 12, 2024

CM Pushkar Singh Dhami reached Haridwar meeting regarding preparations for Kanwar Yatra starting from 22 July

Kanwar Yatra 2024: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचे। सावन मास में होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर सीएम धामी ने प्रशासनिक अधिकारियों, विधायकों और निगम अफसरों संग समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कुछ सुझाव दिए, जिसमें मूलभूत आवश्यकताओं की ओर ध्यान देने के निर्देश भी शामिल हैं। बैठक में अहम फैसले लिए गए।

22 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। हरिद्वार पहुंच रहे कांवड़ियों की सुविधा के लिए नगर निगम, कांवड़ पटरी मार्ग पर दो विश्राम स्थल बनाएगा। एक विश्राम स्थल पंचशील मंदिर के पास और दूसरा शिव मंदिर के पास होगा। दोनों विश्राम स्थल वाटरप्रूफ होंगे ताकि बारिश से बचाव हो सके। इसके अलावा कांवड़ यात्रियों के नहाने के लिए भी फव्वारा लगाया जाएगा। कांवड़ पटरी पर मोबाइल शौचालयों का भी प्रबंध किया जाएगा।

यह भी पढ़ें:यूपी के सीतापुर की तीन तहसीलों में बाढ़ जैसे हालात, घर छोड़कर बांध पर रहने को मजबूर लोग

कांवड़ यात्रियों के लिए लगाई जा रही हैं 300 स्ट्रीट लाइटें

बैठक के बाद बताया गया कि कांवड़ यात्रियों के लिए 300 स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। वहीं, कांवड़ यात्रा के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय ने 22 जुलाई से चार अगस्त तक हरिद्वार जिले के सभी सरकारी अस्पतालों की छुट्टियां रद्द करने के आदेश जारी किए हैं। चेतावनी दी है कि कांवड़ यात्रा के दौरान यदि कोई डॉक्टर या स्टाफ ड्यूटी से अनुपस्थित पाया गया तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

किसी भी आपात स्थिति में पुलिस के बाद सबसे ज्यादा जरूरत स्वास्थ्य विभाग की होती है। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान कई हादसे होते हैं, जिसमें कई लोगों की जान चली जाती है और कई गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। घायलों को समय पर इलाज देने और हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होती है। इस बार बड़ी संख्या में शिव भक्तों के आने की उम्मीद है।