
CM Yogi Action: उत्तर प्रदेश सरकार ने उप चुनाव के ठीक पहले 10 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। इसी दौरान वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह को भी पद से हटाते हुए प्रतिक्षारत कर दिया गया है। मनोज सिंह को पद से हटाए जाने के बाद चर्चा यह है कि सीएम योगी द्वारा उनके खिलाफ यह एक्शन (एनजीटी) नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की नाराजगी के कारण लिया गया है। दरअसल ( NGT) ने कहा था कि गंदगी से दूषित होने के कारण गंगा का जल आचमन लायक नहीं है। एनजीटी ने मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह से चार सप्ताह के भीतर गंगा प्रदूषण से निपटने और गंगाजल को दूषित होने से रोकने के संबंध में हलफनामा दाखिल करने को भी कहा था। जबकि सीएम योगी महाकुंभ से पहले गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करने को लेकर बेहद संजीदा हैं।
यह प्रकरण भी एसीएस मनोज सिंह पर पड़ा भारी
CM Yogi Action: सेवानिवृत्त होने के ठीक 51 दिन पहले मनोज सिंह को पद से हटाना चर्चा का विषय बना हुआ है। माना जा रहा है कि एनजीटी की तल्खी के अलावा उन्नाव और गाजियाबाद में स्लाटर हाउस को गलत तरीके से एनओसी देने के मामले में भी यूपी सरकार ने उनके खिलाफ यह एक्शन लिया है। यह एनओसी उस समय दी गई थी, जब मनोज सिंह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष थे।
31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होंगे मनोज सिंह
1989 बैच के आईएएस मनोज सिंह 31 दिसंबर 2024 को सेवानिवृत्त होंगे। इसके ठीक 51 दिन पहले उन्हें पद से हटाए जाने के पीछे बड़ा कारण माना जा रहा है। हालांकि अभी वो प्रतिक्षारत कर दिए गए हैं।
Published on:
11 Nov 2024 07:30 am
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