
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में एनआरसी और जनसंख्या नीति सहित दो बड़े फैसले ले सकते हैं।
लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) उत्तर प्रदेश में एनआरसी और जनसंख्या नीति (Population Control Policy) सहित दो बड़े फैसले ले सकते हैं। सीएम योगी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की तरह वह इसे उत्तर प्रदेश में लागू कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि 15 अगस्त पर जनसंख्या नियंत्रण को लेकर पीएम मोदी (Narendra Modi) की चिंता वाजिब है। इसका स्वरूप कैसा होगा होगा सरकार इस पर विचार कर रही है। सीएम योगी के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही दो बड़े फैसले ले सकती है।
एक इंटरव्यू में सीएम योगी ने कहा कि एनआरसी (NRC) को लेकर कोर्ट के ऑर्डर को लागू करना साहस भरा और बेहद महत्वपूर्ण कदम था। मैं मानता हूं कि इसके लिए हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) को बधाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में एनआरसी (NRC) को चरणबद्ध तरीके से लागू करना जरूरी है। असम में जिस तरह से एनआरसी को लागू किया गया है। यूपी के लिए वह एक उदाहरण हो सकता है। मुख्यमंत्री (Yogi Adityanath) ने कहा कि मुझे लगता है कि उत्तर प्रदेश में जब एनआरसी की जरूरत होगी तब इसे लागू किया जाएगा। यह देश-प्रदेश की सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद महत्वपूर्ण है।
गरीबों के अधिकारों को छीन रहे घुसपैठियों को रोक पाएंगे
असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के लागू होने की प्रशंसा करते हुए कहा सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह उत्तर प्रदेश में इसी तरह का बड़ा अभियान चलाएंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि असम एनआरसी से एक अनुभव लेते हुए हम भी यूपी में इसकी शुरुआत कर सकते हैं। यह भारत की सुरक्षा के लिहाज से बेहद ही महत्वपूर्ण है। इससे गरीबों के अधिकारों को छीन रहे घुसपैठियों को रोकने में मदद मिलेगी। उप्र में चरणों में जरूरत के हिसाब से एनआरसी लागू किया जा सकता है।
योगी ही नहीं यह बीजेपी नेता भी कर चुके हैं NRC की वकालत
योगी आदित्यनाथ पहले बीजेपी नेता नहीं हैं जो अपने राज्य में एनआरसी लागू करने की बात कर रहे हैं। इनसे पहले दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) ने दिल्ली में एनआरसी लागू करने की वकालत कर चुके हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manoharlal Khattar) भी हरियाणा में एनआरसी लागू करने की बात कर चुके हैं। गौरतलब है कि बीते दिनों असम सरकार ने राज्य में अंतिम एनआरसी सूची जारी की, जिससे 19 लाख से अधिक लोग बाहर हो गए। असम से अवैध रूप से बसने वालों को बाहर निकालने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया था।
Published on:
16 Sept 2019 05:34 pm
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