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शिक्षा में भेदभाव को किया खत्म, 1.80 करोड़ छात्रों को मिला निशुल्क शिक्षा का अधिकार: सीएम योगी

- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित महिला जागरुकता कार्यक्रम को संबोधित किया - सीएम ने कहा हम महिला सशक्तिकरण को नई ऊचाइयों पर ले जा रहे हैं - प्रदेश सरकार ने शिक्षा के भेदभाव को खत्म किया है - सरकार ने अब तक 1.80 करोड़ बालिकाओं को निःशुल्क बेसिक शिक्षा देने का कार्य किया है

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शिक्षा में भेदभाव को किया खत्म, 1.80 करोड़ छात्रों को मिला निशुल्क शिक्षा का अधिकार: सीएम योगी

शिक्षा में भेदभाव को किया खत्म, 1.80 करोड़ छात्रों को मिला निशुल्क शिक्षा का अधिकार: सीएम योगी

लखनऊ. मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित महिला जागरुकता कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम महिला सशक्तिकरण को नई ऊचाइयों पर ले जा रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि महिला सुरक्षा के प्रति जागरुकता फैलाने में शासन के साथ ही महिला आयोग भी सक्रिय हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बेटियों के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने तमाम योजनाओं का शुभारंभ किया है, जिससे कि वे इनका लाभ लेकर किसी भी सुविधा से वंचित न रहें। योजनाओं का फायदा पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में महिला आयोग बड़ी भूमिका निभा सकती है। वे योजनाओं के बारे में जानकारी दें, भेदभाव को समाप्त करने के लिए परिवारों को जागरूक करें। कार्यक्रम में सीएम योगी ने शिक्षा पर भी बात की। उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार ने अब तक 1.80 करोड़ छात्रों को निःशुल्क बेसिक शिक्षा देने का कार्य किया है।

महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने महिला सशक्तिकरण को लेकर जरूरी प्रयास किए हैं। महिला सशक्तिकरण का नारा केवल एक नारा ही न रह जाए, इस दृष्टि से उज्ज्वला योजना, मिशन इंद्रधनुष योजना या महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से मुक्ति दिलाने का कार्यक्रम, सरकार ने इन सभी पर कार्य किया। यह सभी महिला सशक्तिकरण के दिशा में उठाए जाने वाले कदमों के ही हिस्से हैं।

शिक्षा के भेदभाव को किया खत्म

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने अब तक 1.80 करोड़ छात्रों को निःशुल्क बेसिक शिक्षा देने का कार्य किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया कि उनके नेतृत्व में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के माध्यम से बालक-बालिकाओं के बीच शिक्षा का भेदभाव खत्म हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब तबके के बच्चे जो पैसों के अभाव में उच्च विद्यालय नहीं जा पाते, उन्हें भी अपने विद्यालय में समान शिक्षा मिले, इसके लिए प्रदेश सरकार ने शिक्षा के स्तर में व्यापक बदलाव किए। बेसिक शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया। एनसीआरटी के पाठ्यक्रम को बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा में लागू किया ताकि शिक्षा का भेदभाव खत्म हो और सभी बच्चों को चाहे वह किसी भी विद्यालय में पढ़ें, उन्हें एक समान शिक्षा मिले।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला पीआरवी 112

प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा हमेशा चर्चा का विषय रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला संबंधित अपराधों को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनावए हैं। इसमें 74 कोर्ट पोस्को से संबंधित हैं। इसके अलावा 1090 को पीआरवी 112 के साथ इंटिग्रेट किया। अगर कोई महिला 1090 या 112 नंबर पर भी कॉल करती है, तो उन्हें पूरे प्रदेश में कहीं भी तत्काल सहायता प्राप्त हो सकती है। घरेलू हिंसा से जुड़े हुए मामलों के लिए 181 टोल फ्री नंबर जारी किया गया। इसे भी 1090 और 112 के साथ इंटीग्रेट किया गया है। इनमें से किसी एक पर भी कॉल होता है तो वह दूसरे तक पहुंच जाएगा और संबंधित व्यक्ति को तत्काल सहायता उपलब्ध हो सकेगी।

यूपी को मिलेंगी तीन महिला बटालियन

मुख्यमंत्री ने बताया कि यूपी में लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में तीन महिला बटालियन खास तौर पर गठित की जा रही हैं। इनमें शत प्रतिशत महिलाओं को ही रिक्रूट किया जाएगा। इससे पहले उनकी सरकार में 54 बटालियन पहले ही गठीत की गई थी। तीन महिला बटालियन गठित करने पर प्रदेश सरकार ने इन पदों में 20 फीसदी महिलाओं की नियुक्ति अनिवार्य कर इस भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।

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