
लखनऊ. अगर आपके पास कॉमर्शियल लाइसेंस नहीं है तो भी आप टैक्सी, ऑटो और ई-रिक्शा चला सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब इन वाहनों को निजी लाइसेंस (प्राइवेट) रखकर भी चला सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश में सड़क परिवहन मंत्रालय वाहन चालकों के लिये नये निर्देश जारी कर दिये हैं। इसके तहत लाइट मोटर व्हीकल चलाने के लिए ड्राइवर का प्राइवेट लाइसेंस ही काफी है। गौरतलब है कि अभी तक कॉमर्शियल और निजी कार चलाने के लिये अलग-अलग ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत होती है। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी।
एक साल बाद बनती थी कॉमर्शियल लाइसेंस
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अभी तक टैक्सी और ऑटो चलाने के लिये व्यवसायिक लाइसेंस की जरूरत होती थी। कॉमर्शियल लाइसेंस के बनवाने में लंबा समय लगता है। पहले लर्निंग फिर एक महीने बाद लाइट मोटर व्हीकल लाइसेंस और फिर साल भर बाद कहीं कॉमर्शियल लाइसेंस बनती थी। परिवहन मंत्रालय के इस आदेश के बाद अब निजी लाइसेंस धारक भी टैक्सी, ऑटो और ई-रिक्शा चला सकेंगे। अब आप प्राइवेट लाइसेंस पर ही उबर और ओला में टैक्सी ड्राइवर बन सकते हैं।
इन वाहनों के लिये जरूरी नहीं कॉमर्शियल लाइसेंस
कॉमर्शियल लाइसेंस के लिये जिन वाहनों को छूट दी गई है, उनमें बिना गियर वाली बाइक, गियर वाली बाइक, लाइट वेट कार, ई-रिक्शा ऑटो-रिक्शा शामिल हैं। अब टैक्सी, ऑटो रिक्शा, ई रिक्शा और दो पहिया चालकों को कमर्शियल लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी।
इस कैटेगरी के वाहन होते हैं लाइट मोटर व्हीकल
उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन मंत्रालय की नई एडवाइजरी के मुताबिक, जिन वाहनों का वजन 7,500 किलो या 7.5 टन से कम होता है वह लाइट मोटर व्हीकल की कैटेगरी में आते हैं।
Published on:
20 Apr 2018 03:12 pm
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