
कोऑपरेटिव बैंक चुनाव के बहाने कांग्रेस ने साधा बीजेपी पर निशाना
लखनऊ. कांग्रेस ने कोऑपरेटिव चुनाव के बहाने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि बीजेपी सरकार ने समस्त लोकतांत्रिक व्यवस्था को दर किनार करते हुए बाहुबल का इस्तेमाल कर यूपी कोआपरेटिव बैंक का चुनाव कराया, जिसमें अपनी पार्टी के लोगों को निर्विरोध चयनित कराया। इस चुनाव में विपक्ष के तमाम उम्मीदवारों पर पुलिस बल का प्रयोग कर नामांकन से वंचित रखा। यह न सिर्फ सहकारी आन्दोलन पर कुठाराघात है, बल्कि लोकतंत्र में ग्रामीण आधार को भी चोट पहुंचाने का कार्य है। भारतीय जनता पार्टी की इस सरकार ने तमाम सहकारी चुनाव चाहे वह सहकारी समितियों के हो, सहकारी संघ के हो, लैकफेड, पैकफेड, क्रय-विक्रय समितियों के हों इन सभी चुनावों में लोकतंत्र की निर्मम हत्या की। विपक्ष के लोगों को इस चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने के लिए सरकारी तंत्र का खुलेआम दुरूपयोग किया।
प्रदेश प्रवक्ता के मुताबिक, भारत में सहकारी आन्दोलन के जनक पंडित जवाहरलाल नेहरू जी रहे हैं, जिन्होंने आम आदमी के विकास के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी आन्दोलन आरम्भ किया था, जिसकी एक अभूतपूर्व मिसाल ‘अमूल’ है। इस सहकारी आन्दोलन को इंदिरा जी ने बल दिया। यही कारण है कि आज देशभर में ‘14 नवम्बर से 19 नवम्बर’ तक ‘सहकारी सप्ताह’ मनाया जाता है। यह सहकारी समितियां न केवल ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक आवश्यकताओं को पूर्ण करती है बल्कि उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास के निर्णयों में भी भागीदार बनाती हैं।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. हिलाल अहमद ने यूपी सरकार से यह मांग की है कि इन तमाम सहकारी समितियों को भंग कर लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराने की व्यवस्था तुरन्त की जाये। उन्होंने कहा कि हाल में हुए सहकारी समितियों के चुनाव में जिस तरह से लोकतंत्र को धता बताते हुए चुनाव कराये गये हैं, वह निन्दनीय हैं तथा कांग्रेस इसकी कठोर शब्दों में भर्तस्ना करती है।
Published on:
02 Aug 2018 05:42 pm
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