
लखनऊ. पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के भाई जयेश प्रसाद व भाभी नीलिमा प्रसाद ने गुरुवार को बीजेपी का दामन थाम लिया। रात 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन्हें बीजेपी ने पार्टी में शामिल किया। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली।जयेश प्रसाद शाहजहांपुर स्थानीय निकाय से 2 बार एमएलसी रह चुके हैं। जयेश प्रसाद शाहजहांपुर स्थानीय निकाय से 2004 एवं 2010 में प्रतिनिधि रहे है। बीजेपी में शामिल होने से पहले वो सपा में थे।
जितिन को लेकर चर्चाएं तेज
सूत्रों के मुताबिक जल्द ही जितिन प्रसाद दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी जॉइन कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस के साथ-साथ यह पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए भी बड़ा झटका होगा। क्योंकि जितिन प्रसाद उनकी टीम के अहम सदस्य रहे हैं। शाहजहांपुर की तिलहर विधानसभा सीट से इस बार जितिन प्रसाद ने विधानसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें हार मिली थी। उनके पिता जितेंद्र प्रसाद यूपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं।
विधानसभा चुनाव में मिली थी हार
2017 का विधानसभा चुनाव शाहजहांपुर की तिलहर सीट से इस बार जितिन प्रसाद ने लड़ा था, लेकिन उन्हें हार मिली थी। 2004 में शाहजहांपुर और 2009 में लखीमपुर खीरी के धौरहारा लोकसभा सीट से जितिन प्रसाद ने चुनाव जीता। दोनों बार वो मनमोहन सिंह की कैबिनेट में मंत्री भी रहे। 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के चलते जितिन प्रसाद को मुंह की खानी पड़ी। जिसके बाद 2017 में कांग्रेस ने जितिन प्रसाद को तिलहर विधानसभा सीट से उतारा, लेकिन इस चुनाव में भी वो जीत हासिल नहीं कर सके।
विरासत में मिली राजनीति
जितिन प्रसाद के पिता कुंवर जितेंद्र प्रसाद उर्फ बाबा साहब लखनऊ से दिल्ली की राजनीति में सक्रिय रहे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र प्रसाद 1970 में एमएलसी रहे। 1971, 1980, 1984 और 1999 में शाहजहांपुर लोकसभा से चुनाव जीतकर सांसद बने। 1994 से 1999 तक राज्यसभा सदस्य भी रहे। जितेंद्र प्रसाद ने सोनिया गांधी के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव भी लड़ा था।
Published on:
03 Nov 2017 02:35 pm
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