
रायबरेली में चले तीन दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने जहां कमेटी के पदाधिकारियों को मजबूत संगठन तैयार करने के टिप्स दिये
लखनऊ. कांग्रेस अब उत्तर प्रदेश में किसी भी दल से गठबंधन न करके अकेले ही चुनाव लड़ेगी। साथ ही टिकट वितरण में बाहरियों की बजाय पार्टी पुराने नेताओं-कार्यकर्ताओं को तरजीह दी जाएगी। रायबरेली में चले तीन दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने जहां कमेटी के पदाधिकारियों को मजबूत संगठन तैयार करने के टिप्स दिये, वहीं निष्ठावान कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की बात कहते हुए भविष्य की रणनीति बनाई। सूत्रों के मुताबिक, प्रशिक्षण कार्यक्रम में चुनावी गठबंधन को लेकर प्रियंका गांधी ने कहा है कि पार्टी आगे किसी दल से कोई नहीं करेगी। तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 2017 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन नहीं करना चाहते थे, लेकिन कई लोगों के दबाव में राहुल ने गठबन्धन किया था।
बाहरियों को टिकट देने से तौबा करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि बीते चुनावों में कांग्रेस में शामिल हुए दूसरे दलों के लोगों को टिकट देने का पार्टी को फायदा नहीं मिला। टिकट देने के पीछे उद्देश्य यही था कि नामी चेहरे को टिकट देने से शुरुआत ही दो-ढाई लाख वोट से होगी, लेकिन न तो वोट मिले न और न सीट ही निकली। उन्होंने कहा कि पार्टी आगे निष्ठावान कार्यकर्ताओं को ही टिकट देगी। बाहरी लोगों को टिकट देने से उन कार्यकर्ताओं का हक मारा जाता है, जो सक्रिय तौर पर पार्टी से जुड़े रहते हैं। पार्टी में कार्यकर्ताओं का पूरा सम्मान होगा और उन्हें ही आगे बढ़ाया जाएगा। प्रियंका गांधी ने कहा कि यूपी विधानसभा उपचुनाव में निष्ठावान लोगों को ही टिकट दिया गया, जिसके चलते पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा।
काम न करने वालों की होगी छुट्टी
नई टीम को हिदायद देते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि सभी मिलकर संगठन को मजबूत बनाने पर फोकस करें। हर पदाधिकारी पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करे। सबकी जवाबदेही तय है। काम न करने वालों की छुट्टी कर दी जाएगी। छोटी कमेटी का मतलब काम करना होगा। नतीजे देने होंगे।
Published on:
26 Oct 2019 02:26 pm
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