21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कांग्रेस ने कानपुर में डीपीएस की मालकिन को बनाया मेयर उम्मीदवार

कानपुर में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) की मालकिन को कांग्रेस पार्टी ने मैदान में उतारा है।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Alok Pandey

Nov 03, 2017

congress mayor candidate, kanpur mayor cadidate, vandana mishra, Bandana mishra, Alok mishra, DPS, delhi Public School, Pawan Gupta, Nikay Chunav, Kanpur nagar Nigam, Raj Babbar, gulam navi Azad

Vandana mishra Bandana mishra alok mishra wife

लखनऊ . आखिरकार कांग्रेस ने यूपी निकाय चुनाव में मेयर की कुर्सी के लिए पहला नाम तय कर लिया। कानपुर में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) की मालकिन को कांग्रेस पार्टी ने मैदान में उतारा है। कांग्रेसी उम्मीदवार के नाम ने भाजपा की रणनीति को ध्वस्त कर दिया है। अब भाजपा को नए सिरे से मेयर पद के उम्मीदवार के लिए स्क्रीनिंग करनी पड़ेगी। कांग्रेस ने पुराने कांग्रेसी और विधानसभा का चुनाव लड़ चुके आलोक मिश्र की पत्नी वंदना मिश्र को अपना प्रत्याशी तय किया है।

शहर कमेटी ने सिर्फ वंदना मिश्रा का नाम भेजा

यूं तो कानपुर शहर से मेयर का चुनाव लडऩे के लिए आठ लोगों ने आवेदन किया था। आवेदन करने वालों में पूर्व प्रत्याशी पवन गुप्ता की पत्नी, दो पूर्व विधायकों की बीवियों के साथ-साथ पूर्व पार्षद आरती दीक्षित और ममता तिवारी शामिल थीं। प्रत्याशी चयन के लिए स्क्रीनिंग कमेटी ने सभी दावेदारों पर गौर करने के बाद सिर्फ वंदना मिश्रा का नाम प्रदेश चयन कमेटी को भेजा, जिसे गुलामनबी आजाद ने भी मंजूर कर लिया है। अब सिर्फ औपचारिक घोषणा का इंतजार है।

पूर्व प्रत्याशी पवन गुप्ता ने विरोध किया, लेकिन....

वंदना मिश्रा के नाम पर मुहर लगने से पहले बीते निकाय चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे पवन गुप्ता ने इकलौता नाम भेजने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि प्रदेश कमेटी को एक के बजाय तीन नामों का पैनल भेजना चाहिए। इसके जवाब में शहर कमेटी अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री ने तर्क दिया कि वंदना के पति आलोक मिश्र छह महीने से मेयर के चुनाव की तैयारियों में जुटे थे, जिसका फायदा वंदना को मिलेगा। इसी दौरान स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्र ने याद दिलाया कि पांच साल पहले पवन गुप्ता का नाम भी अकेले भेजा गया था। इस तर्क के बाद पवन गुप्ता ने अपना विरोध वापस लेना उचित समझा।

वंदना मिश्रा ने भाजपा के समीकरण ध्वस्त किए

कांग्रेस के सिंबल पर वंदना मिश्रा की उम्मीदवार तय होने से भाजपा का करारा झटका लगा है। भाजपा ने ब्राह्मण वोटों के दम पर मेयर चुनाव जीतने की रणनीति बनाई थी। इसी नाते पूर्व पार्षद और तेज-तर्रार नेता प्रमिला पाण्डेय का नाम तय था। अलबत्ता भाजपा ने अंतिम पैनल में कमलावती सिंह और पूनम कपूर का नाम भी तय किया था। पूनम कपूर मौजूदा मेयर जगतवीर सिंह द्रोण की करीबी हैं, जबकि कमलावती सिंह भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रह चुकी हैं। वंदना के रूप में कांग्रेस से ब्राह्मण चेहरा सामने आने के बाद उम्मीद है कि भाजपा ठाकुर नेता पर दांव लगाएगी। ऐसे में कमलावती सिंह की संभावना ज्यादा मजबूत दिखने लगी है।

पति क्राइस्ट चर्च कालेज के पूर्व छात्रनेता, कानपुर में चार डीपीएस

वंदना मिश्रा की कानपुर में पहचान डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) की मालकिन के रूप में है। उनके पति आलोक मिश्र के पास ही दिल्ली पब्लिक स्कूल की आजाद नगर, सर्वोदय नगर, किदवई नगर और बर्रा की फ्रेंचाइची है। आलोक मिश्र खुद भी अरसे से राजनीति में सक्रिय हैं। क्राइस्ट चर्च कालेज में छात्रसंघ महामंत्री रहे आलोक मिश्र को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद, गुलामनबी आजाद का करीबी समझा जाता है। इसके अतिरिक्त वष्र्र 2012 के विधानसभा चुनाव में आलोक मिश्र कानपुर की कल्याणपुर विधानसभा सीट से किस्मत आजमा चुके हैं।