यूपी लोकसेवा आयोग में आने से पहले अनिल यादव किसी कॉलेज में लेक्चरार थे। इसके बाद वे मैनपुरी के एक स्कूल के प्रिसिंपल बने। बताते चलें कि यूपीएससी अध्यक्ष बनने के लिए 83 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें 8 आईएएस, 20 से ज्यादा पीसीएस, 22 प्रोफेसर थे। इन 83 आवेदनकर्ताओं में अनिल यादव का नाम 83 यानि आखरी नंबर पर था। सवाल तभी उठे थे कि अखिलेश सरकार ने आईएएस, पीसीएस और प्रोफेसर की जगह अध्यक्ष की कुर्सी के लिए एक स्कूल प्रिसिंपल अनिल यादव को क्यों नियुक्त किया गया।