
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. कोरोना संक्रमण के इलाज के नाम पर निजी अस्पतालों में मनमानी फीस वसूली पर योगी सरकार लगातार लगाम कस रही है। इस कड़ी में अब सरकार ने सीटी स्कैन का रेट भी तय कर दिया है। कोई भी निजी असपताल अब सीटी स्कैन जांच के लिये 2500 रुपये से अधिक चार्ज नहीं कर सकता। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश का उल्लंघन एपीडेमिक एक्ट-1897 और संशोधित उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी अधिनियम-2020 की धाराओं के तहत दण्डनीय माला जाएगा।
ये है सरकार का तय रेट
योगी सरकार के इलाज और जांच का रेट अधिक वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की की चेतावनी के बीच चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद की ओर से इस संबंध में बाकायदा एक आदेश जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक 16 स्लाइस तक के सीटी स्कैन के लिये 2000 रुपये लिये जाएंगे। 16 से 64 स्लाइस तक की सीटी स्कैन जांच के लिये 2250 रुपये और 64 स्लाइस से ज्यादा की सीटी स्कैन के लिये 2500 रुपये ही फीस ली जाएगी।
ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ी, तीसरी लहर के लिये बढ़ रही बेड
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलीय समीक्षा बैठक में कहा है कि प्रदेश में ऑक्सीजन की सप्लाई जरूरत से ज्यादा हो रही है। अकेले राजधानी में ही 19 ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा है कि तीसरी लहर के लिये तैयारियां की जा रही हैं अस्पतालों में बेड बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में हमने सीएचसी से रजिस्ट्रेशन की सुविधा बढ़ाई है। इससे वैक्सीन लगाने की रफ्तार में तेजी आएगी। तीसरी लहर आने से पहले यूपी में ज्यादातर जनता को वैकसीन लग चुकी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरी लहर के लिये अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कहा कि ब्लैक फंगस के लिये हा जिले में पोस्ट कोविड अस्पताल तैयार करेन के लिये पांच दिन पहले ही जिलों को निर्देश दे दिये गए हैं।
Published on:
22 May 2021 11:47 am
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