Curruption: ट्रैफिक दारोगा कुछ पुलिस कर्मियों के साथ चेकिंग के नाम पर कार रोक लिए, वह भी बिना वाडी वार्न कैमरा पहने जो उनके लिए भारी पड़ गया। चेकिंग के नाम पर वसूली कर रहे दारोगा के साथ क्या हुआ, आइए बताते हैं।
‘नौकरी में ओहदे की ओर ध्यान मत देना, यह तो पीर की मजार है। निगाह चढ़ावे और चादर पर रखनी चाहिए। ऐसा काम ढंूढऩा जहां कुछ ऊपरी आय हो। मासिक वेतन तो पूर्णमासी का चांद है, जो एक दिन दिखाई देता है और घटते-घटते लुप्त हो जाता है। ऊपरी आय बहता हुआ स्रोत है जिससे सदैव प्यास बुझती है...’ नमक का दारोगा की यह पंक्तियां ज्यादातर सरकारी महकमों पर बिलकुल सटीक बैठती हैं।
दारोगा कुछ पुलिस कर्मियों के साथ थोड़ा ऊपरी आमदनी के लिए कार रोक लिए वह भी बिना वाडी वार्न कैमरा पहने जो उनके लिए भारी पड़ गया। गोरखपुर से आ रही कार को दारोगा सहित पांच पुलिस कर्मियों ने चेकिंग के नाम पर रोक लिया, इसके बाद चालान करने का रौब गालिब किया। इसके बाद कार सवार ने इसकी शिकायत पुलिस के उच्चाधिकारियों से कर दी। इसके बाद टै्रफिक दारोगा समेत पांच पुलिस कर्मियों को डीसीपी टै्रफिक रईस अख्तर ने निलंबित कर दिया।
एसीपी ट्रैफिक करेंगे मामले की जांच
मामले की जांच एसीपी ट्रैफिक को सौंपी गई है। कार गोरखपुर नंबर की थी, जिसमें विदेश से आ रहे अपने रिश्तेदार को लेने चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे जा रहे थे। इसी बीच अयोध्या रोड पर इंदिरा नगर के पास दारोगा अनिल कुमार, सिपाही अंकित कुमार, लवकुश, मुनेंद्र सिंह, और पिंटू ने गैर जनपद की कार देखकर चौक गए और कार को रोक लिया। इसके बाद कार सवार पर कई आरोप लगाते हुए चालान करने की धमकी दी। आरोप है कि कार छोडऩे के एवज में रुपए की मांग की गई और कार चालक द्वारा रुपए की मांग पूरी न करने पर धमकी दी गई।
कार चालक ने मिलाया अधिकारियों को फोन
कार चालक ने पुलिस के रवैए से तंग आकर पुलिस के आला अधिकारियों को फोन कर घटना की जानकारी दी। मामले की जांच डीसीपी ट्रैफिक रईस अख्तर को दी गई। जांच में पाया गया कि पांचों पुलिस कर्मियों की कार रोकने की मंशा ठीक नहीं थी। कार सवार से उन्होंने अभद्रता भी किया इसके अलाव दारोगा ने वाडी वार्न कैमरा भी नहीं पहना था। जिसके बाद दारोगा समेत पांचों पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है।