चुनाव नजदीक आते ही एक बार फिर पार्टियां बदलने का दौर शुरू हो गया है। टिकट की चाह में नेता दलबदलू का टैग लगवाने से भी नहीं चुक रहे हैं। पिछले कुछ घंटों में तीन नेताओं ने अपनी पुरानी पार्टी को झटका दे दिया।मंगलवार को दो बड़े झटके सत्तारुढ़ दल समाजवादी पार्टी को लगे तो तीसरा झटका विपक्षी दल बसपा को लगा।
सोमवार की शाम सपा को पहला झटका लगा झांसी में। जिस बबीना सीट को राज्यसभा सांसद डा.चंद्रपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री के लिए ऑफर किया था, उसी सीट से विधायक रहे सपा नेता सतीश जतारिया ने पार्टी को बाय-बाय कर दिया। उन्होंने चुनावी बेला में साइकिल से उतरकर हाथी की सवारी गांठ ली है। स्थानीय होटल में मिशनरी कार्यकर्ता सम्मेलन में बुन्देलखण्ड प्रभारी पूर्व एमएलसी नौशाद अली, लालाराम अहिरवार व बुन्देलखण्ड सामाजिक भाइचारा प्रभारी मुमताज अली ने पूर्व विधायक को पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। इस अवसर पर सीताराम कुशवाहा, जि़लाध्यक्ष मुन्ना पाली, चन्द्रभान आदिम, नूर अहमद मंसूरी, राघव वर्मा ने पूर्व विधायक का स्वागत किया।
वहीं दूसरी तरफ बनारस में समाजवादी पार्टी के एक बड़े मुस्लिम नेता और सपा के जिला उपाध्यक्ष रहे नासिर जमाल चिश्ती ने पार्टी को अलविदा कह दिया। जानकारी के मुताबिक चिश्ती टिकट न मिलने से नाराज थे। चिश्ती के मुताबिक उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट देने का वादा किया गया था, लेकिन फिर भी टिकट नहीं दिया गया। नासिर जमाल ने सोमवार को समाजवादी पार्टी को फाइनली अलविदा कह दिया। आपको बता दें कि चिश्ती ने 2012 में मुलायम सिंह यादव के सामने समाजवादी पार्टी ज्वाइन की थी। मुलायम ने शहर के मुस्लिमों में अच्छी पकड़ होने की वजह से उन्हें पार्टी में शामिल किया था। सपा में आने के पहले चिश्ती बहुजन समाज पार्टी में तकरीबन 10 साल तक रहे। चिश्ती की मानें तो उन्हें 2012 में शहर दक्षिणी से टिकट देने का वादा खुद मुलायम सिंह यादव ने किया था, पर गुटबंदी के चलते टिकट उन्हें न देकर अशफाक अहमद डब्लू को दे दिया गया।
सोमवार को दो सपा नेताओं ने तो मंगलवार को एक बसपा नेता ने अपनी पुरानी पार्टी छोड़ दी। फैजाबाद संसदीय क्षेत्र के रुदौली विधानसभा से बहुजन समाज पार्टी के कद्दावर नेता सर्वजीत सिंह ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सर्वजीत सिंह लंबे समय से बहुजन समाज पार्टी के लिए इस विधानसभा क्षेत्र में काम कर रहे थे और बसपा प्रत्याशी के रूप में अपनी दावेदारी जता चुके थे। बताया जा रहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा टिकट काटे जाने के कारण बीते कुछ दिनों से सर्वजीत सिंह पार्टी से नाराज़ चल रहे थे। उन्होंने वापस टिकट पाने के लिए काफी प्रयास किये लेकिन बात नहीं बनी जिसके कारण उन्होंने अंततः पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।