
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश ने कोरोना की दूसरी लहर पर लगभग पूरी तरह से काबू पा लिया है। पाॅजिटिविटी दर महज एक प्रतिशत से भी कम रह गई है। अब सरकार का पूरा ध्यान तीसरी लहर यानि 'डेल्टा प्लस वैरिएंट’ से बचाव और इसकी रोकथाम के लिये उपाय किये जा रहे हैं। कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे के मद्देनजर यूपी से लगने वाली नेपाल से सटे बहराइच जिले में नेपाल से लौटे 19 लागों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद सभी सीमावर्ती जिलों को अलर्ट कर दिया गया है।
इन इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। नेपाल से आने जाने वलों की निगरानी की जा रही है। गोरखपुर, सिद्घार्थनगर, महाराजगंज, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ाई गई है। इन जिलों में नेपाल से लौटे लोगों को चिन्हित कर उनकी जांच कराने का जिम्मा निगराी कमेटियों को सौंपा गया है।
नेपाल से लौटे सभी कोरोना संक्रमितों को को स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में आईसोलेशन में रखा गया है। इन सबकी कोरोना जांच के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिये भेजे गए हैं। नेपाल की सीमा पर चौकसी बढ़ाने के साथ ही सभी सटे हुए जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
बताते चलें कि सीएम योगी आदित्यनाथ पहले ही 'डेल्टा प्लस वैरिएंट’ को बेहद खतरनाक बताते हुए कोविड प्राबंधन के लिये बनी टीम-9 को सतर्क रहने का निर्देश दे चुके हैं। इसके अलावा वाराणसी के बीएचयू और लखनऊ के केजीएमयू में जीनोम सिक्वेंसिंग की व्यवस्था है। सरकार जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा को और बढ़ाने के लिये प्रयासरत है।
योगी सरकार ने बाहर से यूपी आने वाले सभी यात्रियों की कोरोना जांच के साथ ही उनके सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग भी अनिवार्य की है ताकि इसे फैलने से रोका जाए और इसके रूट का पता लगाया जा सके। लखनऊ, वाराणसी और बहराइच में कोरोना के रोगियों के होने से इन जिलों को भी अलर्ट किया गया है।
Updated on:
04 Jul 2021 09:27 pm
Published on:
03 Jul 2021 09:27 pm
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