यूपी में अब आसान नहीं होगा मकान का नक्शा पास कराना, सोलर संयंत्र लगाने का देना होगा प्रमाण पत्र

- मकान बनाने से पहले सोलर संयत्र लगाना हुआ अनिवार्य
- कंप्लीशन सर्टिफिकेट के समय सर्वे करेगा विकास प्राधिकरण
- बिना सोलर संयंत्र के नहीं पास होगा भवनों के निर्माण का नक्शा

By: Hariom Dwivedi

Updated: 10 Aug 2020, 07:23 PM IST

लखनऊ. आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं और अपना मकान बनवाने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। प्रदेश में अब इमारतों का नक्शा पास कराना आसान नहीं होगा। भवन स्वामियों को सोलर संयंत्र लगाने का प्रमाण पत्र देना होगा। विकास प्राधिकरण ने शहरों में 500 वर्ग मीटर या इससे अधिक बड़े भवन बनाने वालों के लिए सोलर संयत्र लगाना अनिवार्य कर दिया है। प्राधिकरण सोलर संयंत्र वाले भवनों का ही नक्शा पास करेंगे। इससे अलावा पहले से बने 500 वर्ग मीटर या इससे अधिक बड़े भवनों की जांच भी कराई जाएगी कि अनिवार्यता के अनुसार उनके यहां सोलर संयंत्र लगाया गया है या नहीं।

शासन स्तर पर तय किया गया है कि कंप्लीशन सर्टिफिकेट देने से पहले विकास प्राधिकरण मौके पर जाकर भवनों का स्थलीय सर्वे करेगा। कर्मचारी पता लगाएंगे कि 500 वर्ग मीटर और इससे बड़े भवनों में सोलर संयंत्र लगे हैं या नहीं। सोलर संयत्र लगाने के बाद ही संबंधित भवन स्वामी को कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा। बिना सोलर संयंत्र के अगर भवन का नक्शा पास हो गया तो संबंधित भवन स्वामी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विकास प्राधिकरण के दोषी अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

इन भवनों के लिए भी जरूरी होगा सोलर संयंत्र
500 वर्ग मीटर या इससे बड़े भूखंडों पर निर्माण के लिए सोलर संयंत्र लगाने की अनिवार्यता की गई है। इसके अलावा एकल आवासीय भवन, अस्पताल, नर्सिंग होम, होटल, गेस्ट हाउस, छात्रावास, विश्वविद्यालय, प्राविधिक विश्वविद्यालय, प्राविधिक शिक्षण संस्थाएं, प्रशिक्षण केंद्र, सशस्त्र बल बैरक आदि भवनों में भी सोलर संयंत्र लगाना जरूरी होगा।

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