
प्रतीकात्मक फोटो
Excise Figures: जनसंख्या के लिहाज से उत्तराखंड छोटे राज्यों में शामिल किया जाता है। इस राज्य के सभी 13 जिलों की अनुमानित जनसंख्या करीब सवा करोड़ है। जनसंख्या और क्षेत्रफल के हिसाब से यूपी और उत्तराखंड की तुलना हो ही नहीं सकती है। यूपी की अनुमानित जनसंख्या करीब 20 करोड़ से अधिक है। वहीं देश की राजधानी दिल्ली की अनुमानित जनसंख्या भी करीब 15 करोड़ से अधिक है। लेकिन छोटा राज्य उत्तराखंड शराब गटकने के मामले में यूपी, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल पर भारी पड़ गया है। उत्तराखंड आबकारी विभाग के अफसरों के मुताबिक, पड़ोसी राज्यों की जनसंख्या और उन्हें हासिल होने वाले आबकारी राजस्व की तुलना में उत्तराखंड को आबादी के अनुसार मिलने वाला आबकारी राजस्व कहीं अधिक है। उत्तराखंंड आबकारी विभाग के इन आंकड़ों से हर कोई हैरान है।
आबकारी विभाग के राजस्व आंकड़े के मुताबिक, उत्तराखंड में हिमाचल, यूपी, हरियाणा और दिल्ली से ज्यादा शराब गटकी जाती है। देश की राजधानी दिल्ली में प्रति शराबी से एक साल में प्राप्त होने वाला राजस्व 1842 रुपये है। हैरानी की बात ये है कि उत्तराखंड में प्रति शराबी से राजस्व का सालाना हिस्सा 4217 रुपये है। आबकारी विभाग के मुताबिक पड़ोसी राज्य की जनसंख्या और उन्हें आबकारी से मिलने वाले राजस्व की तुलना में उत्तराखंड को आबादी के अनुसार मिलने वाला राजस्व काफी अधिक है। उत्तराखंड के आबकारी राजस्व के हिसाब से यूपी को एक लाख करोड़ अधिक राजस्व मिलता।
Updated on:
06 Mar 2025 08:21 pm
Published on:
06 Mar 2025 08:16 pm
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