
लखनऊ. रोशनी का त्यौहार Diwali 2017 इस बार 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी। पर्वों की शुरआत मंगलवार को धनत्रयोदशी के साथ पांच दिन प्रकाश पर्व का श्री गणेश होगा। संनातन धर्म में कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से आरम्भ होकर कार्तिक शुक्ल द्वितीया तक चलने वाले पांच दिवसीय Prakash Parv की श्रंखला की शुरुआत होगी। लखनऊ के इंद्रा नगर के रहने वाले आचार्य अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि इन पांच दिनों में खुशियों के अलग अलग रंग से सरोबार नौ पर्व मनाए जाएंगे। अगले दिन यानि 18 अक्टूबर को हनुमंत जयंती व नरक चतुर्दशी के साथ छोटी दिवाली मनाई जाएगी। उसके बाद तीसरे दिन यानि 19 अक्टूबर को Dipawali व स्नान दान श्राद्ध की कार्तिक अमावस्या, चौथे दिन 20 अक्टूबर को काशी छोड़ अन्यंत्र Govardhan Puja यानि अन्नकूट और अंतिम दिन 21 अक्टूबर को काशी में गोवर्धन पूजा व भैया दूज व चित्रगुप्त पूजन से प्रकाश पर्व का समापन होगा।
ये हैं शुभ मुहूर्त (Dhanteras Dipawali 2017 Subh Muhurat)
इस बार कार्तिक अमावस्या तिथि 18 अक्टूबर की रात 11.34 बजे लग रही है जो 19 रात 11.42 बजे तक रहेगी। Diwali पर पूजन का प्रमुख समय प्रदोष काल माना जाता है। इसमें स्थिर लग्न की प्रधनता बताई जाती है। अतः दीपावली का प्रमुख पूजन मुहूर्त 19 अक्टूबर को स्थिर लग्न वृष राशि में शाम 7:15 बजे से 9:10 बजे तक के बीच अति शुभ है। इससे पहले स्थिर लग्न, कुम्भ राशि में दोपहर 2:38 बजे से शाम 4:10 बजे तक बजे तक पूजन शुभ है। स्थित लग्न सिंह अमावस्या में नहीं मिलने से इस बार तीन की बजाए दो ही मुहूर्त मिल रहे हैं। अतः रात 11.42 बजे से पहले पूजन कर लेना चाहिए। इसके बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी।
आचार्य अशोक कुमार पांडेय के अनुसार कार्तिक कृष्णा त्रयोदशी पर Laxmi Puja का विशेष मुहूर्त रात 7.21 से 9.17 बजे तक है। त्रयोदशी की 16-17 अक्टूबर की रात 12.47 बाजे लग जा रही है जो 17 अक्टूबर की रात 11:55 बजे तक रहेगी। ऐसे में रात 11:55 बजे तक पूजा अवश्य कर लें।
दीपावली के दिन क्या क्या करें (Diwali 2017 Puja and Totke)
दीपावली के दिन शाम को देव मंदिरों के साथ ही गृह द्वार, कूप, बावड़ी, गोशाला इत्यादि में दीपदान करना चाहिए। रात को अंतिम पहर में लक्ष्मी की बड़ी बहन दरिद्रा का निस्तारण की जाता है। व्यापारियों को इस रात तथा स्थिर लग्न में अपने प्रतिष्ठान की उन्नति के लिए कुबेर लक्ष्मी का पूजन करना चाहिए। इस रात घर में कुबेर लक्ष्मी गणेश का पंचोपचार का षोडशोपचार पूजन का धुप दीप प्रज्वालित कर माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए श्रीसूक्तम, कनकधारा, लक्ष्मी चालीसा समेत किसी भी लक्ष्मी मंत्र का जप पाठ आदि करना चाहिए।
Updated on:
14 Oct 2017 11:35 am
Published on:
14 Oct 2017 10:19 am

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