
इंडियन करेंसी नोट
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए जाने वाले करेंसी नोटों पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर लगी होती है और यह लगाना अनिवार्य भी है। अभी हाल ही में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भारतीय करेंसी पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की तस्वीर लगाने को लेकर केंद्र सरकार से मांग की थी, जिसके बाद राजनैतिक सरगर्मी और बढ़ गई थी। बीजेपी भी अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर लगातार पलटवार कर रही थी।
राष्ट्रपिता की तस्वीर के अलावा भी होती है ये तस्वीरें
लेकिन क्या आपने यह ध्यान दिया है कि देश में चल रहे हर करेंसी नोट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अलावा एक और तस्वीर होती है। यह खास तस्वीर हर मूल्य के नोट पर अलग अलग होती है। देश में चल रहे 10 रुपए, 20 रुपए, 50 रुपए, 100 रुपए, 200 रुपए, 500 रुपए, 2000 रुपए के करेंसी नोट पर आगे की तरफ हमेशा से महात्मा गांधी की तस्वीर लगी रहती है वही पीछे की तरफ एक खास स्मारक बना रहता है। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि आखिर नोट पर पीछे की तरफ छपे इन स्मारकों का क्या महत्व है और इसे क्यों छापा जाता है?
10 रुपए के नोट
10 रुपए के नोट पर पीछे की तरफ ओडिशा में मौजूद सूर्य मंदिर को छापा गया है। भारतीय राज्य ओडिशा के पूरी में मौजूद सूर्य मंदिर गंगवंश के राजा नरसिंह देव प्रथम के द्वारा बनवाया गया था। साल 1984 में इस मंदिर को यूनेस्को ने विश्व धरोहर के रूप में घोषित कर दिया। हिन्दू धर्म में बेहद मशहूर इस मंदिर में हर वर्ष फरवरी में चंद्रभाग मेला लगता है, जहां हजारों श्रद्धालु घूमने आते हैं।
20 रुपए के नोट
20 रुपए के भारतीय करेंसी पर औरंगाबाद के एलोरा की गुफाओं को प्रकाशित किया गया है। चट्टानों को काटकर 100 से अधिक हिन्दू और बौद्ध गुफाएं तैयार की गई थी, जिनमे से सिर्फ 34 गुफाओं में जनता को जाने की इजाजत है। इन गुफाओं को भारतीय पुरातत्व विभाग को संरक्षित करने के लिए जिम्मेदारी दी गई है। और इस स्थल को भी यूनेस्को ने विश्व धरोहर के रूप में मान्यता दी है।
50 रुपए के नोट
भारतीय करेंसी के 50 रुपए के नोट के पीछे की तरफ छपे तस्वीर की बात करें तो यह कर्नाटक के हम्पी में मौजूद विठ्ठल मंदिर का विशाल रथ है, जो गरुड़ को समर्पित है। इस रथ को यूनेस्को ने साल 1986 में विश्व के धरोहरों की लिस्ट में शामिल कर दिया था।
100 रुपए के नोट
सौ रुपए के नोट पर रानी की वाव को जगह दी गई है। यह वाव (बावड़ी) गुजरात के पाटन गांव में सरस्वती नदी के किनारे सोलंकी साम्राज्य के वक्त तैयार की गई थी। इस वाव में भगवान विष्णु से संबंधित अनेकों कलाकृतियाँ उकेड़ी गई हैं। इस स्थल को भी यूनेस्को ने करीब 11वीं सदी में ही विश्व धरोहर में शामिल कर दिया था।
200 रुपए के नोट
इस नोट के पीछे की तरफ सम्राट अशोक द्वारा बनवाए गए सांची के स्तूप को छापा गया है। इतिहास की माने तो सम्राट अशोक ने कालिंग युद्ध के बाद शांति के प्रचार के दौरान उन्होंने इस स्तूप को बनवाने का निर्णय लिया था। इस स्तूप को यूनेस्को ने साल 1989 में विश्व धरोहर की उपाधि दी।
500 रुपए के नोट
देश की राजधानी में स्थित ललकीले को कौन नहीं जनता है। इसी की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हर वर्ष देश के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा तिरंगा फहराया जाता है और देश को संबोधित किया जाता है। इस किले को मुगल बादशाह शाहजहाँ ने लाल रंग के ईंटों से बनवाया था। यह भी विश्व धरोहरों में से एक है।
2000 रुपए के नोट
इस नोट पर पीछे की तरफ मंगलयान को जगह दी गई है। मार्स ऑर्बिटर मिशन को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में सबसे बड़ा छलांग माना जाता है। वर्ष 2014 में इसरो ने मंगलयान को पहले ही प्रयास में सफलतापूर्वक मंगल ग्रह तक पहुंचाया था। इससे पहले किसी देश ने पहले प्रयास में यह सफलता हासिल नहीं की थी।
Published on:
22 Apr 2023 10:27 pm

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