
LohiaInstitute Successful Surgery
इंदिरानगर के आम्रपाली चौराहा निवासी 12 वर्षीय विकास बुधवार को पतंग लूटने की कोशिश कर रहा था, तभी वह लोहे के गेट पर चढ़ गया। अचानक पैर फिसलने के कारण, विकास का हाथ गेट में लगे लोहे के धारदार बल्लम में फंस गया। बल्लम हाथ को चीरते हुए आर-पार हो गया, जिससे विकास गंभीर रूप से घायल हो गया। आस-पास के लोगों ने तुरंत बच्चे को लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में भर्ती कराया।
सर्जरी विभाग के डॉ. रुद्रमणि की टीम ने मरीज को भर्ती करने के बाद हाथ की स्थिति का जायजा लिया। हाथ में गहरी चोट और लोहे के धंसने से जहर फैलने की संभावना थी, इसलिए डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी करने का निर्णय लिया। एनस्थीसिया विभाग के डॉ. अनुराग अग्रवाल की टीम ने बच्चे को बेहोशी दी, जबकि सर्जरी टीम में डॉ. रूद्रमणि, डॉ. हरेंद्र पंकज, डॉ. पायल चौधरी, और डॉ. विकास सिंह ने ढाई घंटे की सर्जरी के बाद बच्चे के हाथ से लोहे का बल्लम सफलतापूर्वक निकाल दिया।
सर्जरी के बाद बच्चे का हाथ पूरी तरह ठीक है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर उपचार और टीम के समर्पण ने बच्चे के हाथ को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Updated on:
30 Aug 2024 11:10 am
Published on:
30 Aug 2024 11:10 am
